कोलकाता।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान राज्य को विकास और सांस्कृतिक पुनर्जीवन की कई बड़ी सौगातें दी हैं। एक तरफ जहां उन्होंने देश की सीमाओं को सुरक्षित करने का संकल्प दोहराया, वहीं दूसरी तरफ बंगाल के चौमुखी विकास का पूरा रोडमैप भी जनता के सामने पेश किया। अपने तय कार्यक्रमों के तहत गृह मंत्री ने हावड़ा में अमूल के दुनिया के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र की आधारशिला रखी और कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय (नेशनल लाइब्रेरी) में नवनिर्मित 'म्यूजियम ऑफ वर्ड' (शब्द संग्रहालय) के पहले चरण का भव्य उद्घाटन किया।

₹700 करोड़ का निवेश: हावड़ा में लगेगा दुनिया का सबसे बड़ा दही प्लांट

अमित शाह ने न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर से डिजिटल माध्यम के जरिए हावड़ा फूड पार्क में बनने वाले इस विशाल डेयरी प्लांट का शिलान्यास किया। इस ऐतिहासिक मौके पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और अमूल ब्रांड (गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

परियोजना की लागत: लगभग 700 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश।

क्षमता: इस संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 30 लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) की क्षमता होगी, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन प्लांट बनाता है।

'म्यूजियम ऑफ वर्ड' देखकर अभिभूत हुए गृह मंत्री, दी AI के इस्तेमाल की सलाह

कोलकाता के नेशनल लाइब्रेरी में शब्दों की विकास यात्रा को दर्शाने वाले अनोखे 'म्यूजियम ऑफ वर्ड' का उद्घाटन करने के बाद अमित शाह भावुक और बेहद प्रभावित नजर आए।

संग्रहालय की सराहना करते हुए उन्होंने कहा:

"किसी भी राष्ट्र की संस्कृति की अभिव्यक्ति भाषा के बिना संभव नहीं है और भाषा शब्दों के बिना नहीं रह सकती। यह म्यूजियम देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण में एक मील का पत्थर साबित होगा। मैंने संस्कृति सचिव से आग्रह किया है कि इस शब्द यात्रा को कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक विस्तार दें, ताकि हमारी पारंपरिक भाषाओं को आधुनिक युग में पूर्ण स्वीकृति मिल सके।"

गृह मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे आधुनिकता की दौड़ में अपनी मातृभाषा और पारंपरिक वेशभूषा को कभी न छोड़ें।

"शुभेंदु जी की रफ्तार से अब बंगाल के विकास में देर नहीं"

एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने बंगाल के गौरवशाली इतिहास को याद किया और कहा कि आज राज्य में 'सोनार बांग्ला' का आंदोलन फिर से जीवित हो उठा है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तारीफ करते हुए गृह मंत्री ने कहा:

"पश्चिम बंगाल शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में देश से हमेशा 5 दशक आगे रहता था। लंबे समय तक यह राज्य बाहरी वामपंथी विचारधारा वाली सरकारों के चंगुल में फंसा रहा। लेकिन 10 साल के सतत संघर्ष के बाद आज यहां भाजपा की सरकार है। मैंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कामकाज की गति और रफ्तार को देखा है, इसलिए मैं पूरे दावे के साथ कह सकता हूं कि अब बंगाल के विकास में कोई देरी नहीं होगी। बहुत जल्द बंगाल देश के अग्रणी राज्यों की सूची में टॉप पर होगा।"

अमित शाह के इस दौरे और ₹700 करोड़ की डेयरी परियोजना की शुरुआत से बंगाल में औद्योगिक निवेश और स्थानीय रोज़गार के एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।