नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी से भाजपा में आए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अपने प्रखर और बेबाक अंदाज के लिए एक बार फिर चर्चा में हैं। शुक्रवार (08 मई, 2026) को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक ओजस्वी वीडियो साझा करते हुए चड्ढा ने पड़ोसी देश पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आया, तो भारत उसे वह सबक सिखाएगा जिसे दुनिया याद रखेगी।
"पड़ोसी को ठीक करना हमारा कर्तव्य"
सांसद राघव चड्ढा ने अपने संबोधन की शुरुआत "जय हिंद" के साथ करते हुए कहा कि यह अटल सत्य है कि व्यक्ति दोस्त बदल सकता है, लेकिन पड़ोसी नहीं। उन्होंने कहा, "अगर पड़ोसी पाकिस्तान जैसा हो, तो उसे ठीक करने के लिए कठोर दंड देना हमारा पहला कर्तव्य है। भारत आज केवल एक देश से नहीं, बल्कि आतंकी मानसिकता और बर्बरता के खिलाफ जंग लड़ रहा है।"
'ऑपरेशन सिंदूर' और सेना का शौर्य
राघव चड्ढा ने पहलगाम हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की जमकर प्रशंसा की।
बदले की हुंकार: उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में निहत्थे लोगों की हत्या मानवता पर कलंक थी। भारतीय सेना ने इसका बदला 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली किस्त से ले लिया है।
तकनीकी श्रेष्ठता: चड्ढा ने कहा कि हमारा एयर डिफेंस सिस्टम पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलों को "मच्छर की तरह" मसल रहा है और हमारी मिसाइलें दुश्मन की छाती पर गरज रही हैं।
इतिहास का दिया हवाला
पाकिस्तान को उसकी औकात याद दिलाते हुए भाजपा सांसद ने 1971 और 1999 के युद्धों का जिक्र किया। उन्होंने कहा:
"हमारी सेना पाकिस्तान को याद दिला रही है कि कैसे 1971 में उसे धूल चटाई थी और 90 हजार सैनिकों को घुटनों पर लाकर नया बांग्लादेश बनाया था। 1999 के कारगिल युद्ध में भी पाक के नापाक इरादे मिट्टी में मिला दिए गए थे।"
"इस्लामाबाद तक बहेगी गंगा"
वीडियो के अंत में राघव चड्ढा ने सबसे तीखा प्रहार करते हुए चेतावनी दी कि अब पाकिस्तान को सुधार कर ही दम लेंगे। उन्होंने कहा, "भारत पाकिस्तान को चुनौती देता है कि सुधर जाओ, वरना वह दिन दूर नहीं जब काशी से लेकर इस्लामाबाद तक गंगा बहेगी और रावलपिंडी के सीने पर भारत का तिरंगा लहराएगा।"
सांसद ने देशवासियों से भी अपील की कि वे मुसीबत के समय देश की कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बनें और सीमा पर लड़ रहे जवानों के परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़े रहें। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर काफी हलचल मचा दी है और इसे भारत की नई और आक्रामक विदेश नीति के प्रतिबिंब के रूप में देखा जा रहा है।





