तंजावुर/चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में 'सुपरस्टार' विजय थलापति के चुनावी शंखनाद ने सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है। अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की कमान संभालते हुए विजय ने बुधवार को तंजावुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। बेहद भावुक अंदाज़ में उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को महज एक राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि खुद के लिए और प्रशंसकों के लिए 'जज्बातों का समंदर' करार दिया।

"मेरे लिए यह आम चुनाव नहीं"

तंजावुर में पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए विजय ने सीधे जनता के दिलों को छुआ। उन्होंने कहा:

"आने वाला विधानसभा चुनाव दूसरों के लिए केवल एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन मेरे लिए यह भावनाओं का सैलाब है। मैं यहाँ सत्ता के लिए नहीं, बल्कि तमिल लोगों के साथ अपने संवेदनशील जुड़ाव के कारण खड़ा हूँ।"

विजय ने तमिलनाडु की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि राज्य की प्रगति के लिए उन्हें एक मौका दिया जाना चाहिए।

दिल्ली बनाम तमिलनाडु: क्रिकेट के जरिए सियासी तंज

अपने संबोधन में विजय ने आईपीएल (IPL) और 'चेन्नई सुपर किंग्स' के प्रति राज्य की दीवानगी का बखूबी इस्तेमाल किया। अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह 'सीटी' (Whistle) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:

सीटी की गूंज: विजय ने नारा दिया कि यह 'सीटी' तमिलनाडु के हर घर और हर बूथ पर गूंजनी चाहिए।

सीएसके का संदर्भ: उन्होंने 'व्हिसिल पोडू' (Whistle Podu) के जरिए समर्थकों में जोश भरा।

दिल्ली पर निशाना: विजय ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा, "दिल्ली की टीम मैदान में तमिलनाडु को नहीं हरा सकती, वैसे ही दिल्ली की राजनीति यहाँ सफल नहीं होगी।"

DMK पर तीखा प्रहार: 'तीया शक्ति' का दिया नाम

विजय ने सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) सरकार पर हमला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने डीएमके को 'तीया शक्ति' (बुरी ताकत) कहकर संबोधित किया। विजय ने दावा किया कि अब तो तमिलनाडु के बच्चे भी सत्ताधारी दल को इसी नाम से पहचानने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने उन्हें नीचा दिखाने के लिए हाथ मिला लिया है, जो वास्तव में पूरे तमिलनाडु का अपमान है।

चुनाव की तैयारी: वेल्लोर से तंजावुर तक

विजय की सक्रियता वेल्लोर से लेकर तंजावुर तक देखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका वोट बैंक और समर्थन कोई खरीद नहीं सकता। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, विजय का 'सेंसिटिव कनेक्शन' और 'सीटी' का जादू तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनाता दिख रहा है।