कोलकाता / नई दिल्ली:

तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर नई पार्टी बनाकर एनडीए गठबंधन का हिस्सा बने बागी सांसदों को लेकर राजनीति गर्मा गई है। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने शनिवार (1 अगस्त) को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि बीजेपी गठबंधन में गए पूर्व टीएमसी सांसद अब वहां काफी असहज महसूस कर रहे हैं और उनमें से कई नेता वापस लौटने के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में हैं।

"बीजेपी में दबाव और धमकियों का सामना कर रहे बागी नेता"

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए सौगत रॉय ने बागी सांसदों की वापसी की अटकलों पर कहा कि उनकी कई नेताओं से सीधी बातचीत हुई है।

सौगत रॉय ने कहा:

"मैंने उनमें से कुछ से बात की है। वे भाजपा (एनडीए) के साथ रहकर असहज महसूस कर रहे हैं। शायद उन पर वहीं बने रहने के लिए दबाव और धमकियां दी जा रही हैं। अगर वे वापस आते हैं तो यह अच्छी बात होगी। मैंने इस सिलसिले में अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं से भी चर्चा की है।"

यूसुफ पठान समेत तीन सांसदों ने किया NDA बैठक का बहिष्कार

यह बयान ऐसे वक्त आया है जब बीते मंगलवार (28 जुलाई) को हुई राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी (NCPI) की अहम बैठक से तीन प्रमुख सांसद—अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान नदारद रहे।

सौगत रॉय के अनुसार:

"अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान एनडीए में शामिल नहीं होना चाहते। वे भाजपा के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं, यही वजह है कि उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया। जब इन नेताओं ने TMC छोड़ी थी, तब यह तय नहीं था कि वे भाजपा के पाले में जाएंगे। अब अपने-अपने समुदायों और जनता के प्रति जवाबदेह होना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।"

20 बागी सांसदों के रुख पर सस्पेंस जारी

घटनाक्रममुख्य बिंदु
बागी सांसदों की संख्याविधानसभा चुनाव में हार के बाद 20 सांसदों ने छोड़ी थी TMC
नई पार्टी का गठनराष्ट्रवादी नागरिक पार्टी (NCPI) का गठन कर NDA को दिया था समर्थन
ताजा विवाद28 जुलाई की एनडीए बैठक से 3 प्रमुख सांसदों की गैरमौजूदगी
संभावित मोड़टीएमसी नेतृत्व से बातचीत जारी, घर वापसी के संकेत

हालाँकि NCPI ने पार्टी में किसी भी तरह के मतभेद की खबरों को खारिज करने की कोशिश की है, लेकिन यूसुफ पठान समेत तीन सांसदों की अनुपस्थिति और सौगत रॉय के दावों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए सियासी भूचाल के संकेत दे दिए हैं।