भोपाल:

मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC - समान नागरिक संहिता) को लागू करने की कवायद तेज होते ही सूबे की सियासत का पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आगामी मानसून सत्र में UCC विधेयक पेश करने की घोषणा के बाद, अब इस पर तीखी राजनीतिक और सामाजिक बहस छिड़ गई है। इसी बीच, अपने बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले वरिष्ठ भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस और विपक्ष पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। शर्मा ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि इस कानून का उल्लंघन करने वालों को 10 साल के लिए सलाखों के पीछे जाना होगा।

'बेटियों की इज्जत से खेलने वालों के खिलाफ है यह कानून'

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने यूसीसी के समर्थन में आए सुझावों का हवाला देते हुए इसे देश की आधी आबादी की सुरक्षा से जोड़ा।

"हिंदुस्तान में यूसीसी बेटियों के सम्मान और बच्चों की सुरक्षा का सबसे बड़ा कानून है। संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की भी यही मंशा थी, लेकिन नेहरू और उनके दौर के अन्य नेता नहीं चाहते थे कि ऐसा हो। यह कानून हिंदुस्तान की बेटियों को उनका हक और अधिकार देगा। विशेषकर मुस्लिम बेटियां इस कानून के लागू होने के बाद सम्मान और आनंद की जिंदगी जिएंगी और अल्लाह के प्रति अपना फर्ज बेहतर ढंग से निभा पाएंगी। यूसीसी के पक्ष में जो 71 प्रतिशत महिलाओं ने अपनी राय दी है, वह देश में क्रांतिकारी साबित होगी। जो भी इस कानून को नहीं मानेगा, वह जेल जाएगा; इसके लिए 10 साल की जेल का प्रावधान वाला कानून बना रहे हैं।" — रामेश्वर शर्मा, विधायक, भाजपा

ड्राफ्ट तैयार करने में जुटी हाई-लेवल कमेटी

राज्य सरकार इस कानून को अमलीजामा पहनाने के लिए बेहद गंभीर नजर आ रही है। इसके लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं:

रंजना प्रकाश देसाई समिति: सरकार ने यूसीसी का मजबूत ड्राफ्ट तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त महिला न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) का गठन किया है।

जनता से सीधे सुझाव: यह समिति प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर धार्मिक गुरुओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से संवाद कर रही है। इसके साथ ही जनता की राय जानने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी लाइव किया गया है।

समान कानूनी व्यवस्था: सरकार का दावा है कि कानून लागू होने के बाद राज्य के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे संवेदनशील मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित हो जाएगी।

कांग्रेस का पलटवार और सोनिया गांधी पर रामेश्वर का तंज

विपक्ष इस बिल को लेकर सरकार की मंशा पर लगातार सवाल उठा रहा है। कांग्रेस इस विधेयक को सीधे तौर पर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और आदिवासियों के अधिकारों का हनन करने वाला बता रही है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आदिवासियों से जुड़े हालिया बयान पर पलटवार करते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा, "वह (सिंघार) कुछ भी कहें, देश का हर हिंदू गर्व से खुद को हिंदू कहता है। आदिवासी समाज मां शबरी को पूजता है और शबरी मैया का चरित्र संस्कार सिखाता है। कांग्रेस नेता सिर्फ सोनिया मैया को प्रसन्न करने में जुटे हैं। वो ईसाई हैं और ईसाई केवल धर्म परिवर्तन कराते हैं।"

राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस के पोस्टरों को आड़े हाथों लेते हुए शर्मा ने कहा कि भगवान राम के प्रति कांग्रेस का काल्पनिक नजरिया पूरी दुनिया जानती है। इस मामले में सरकार मुस्तैदी से कार्रवाई कर रही है और ऐसे लोगों को 'भगवान राम और सरकार, दोनों दंडित करेंगे।'