नई दिल्ली:

संसद में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था के भगवाकरण और लगातार हो रहे पेपर लीक को लेकर प्रियंका गांधी ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

चर्चा के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर की गई प्रियंका की एक टिप्पणी को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद सत्ता पक्ष की आपत्ति पर उस बयान को कार्यवाही (रिकॉर्ड) से हटा दिया गया। हालांकि, प्रियंका गांधी ने वीडियो क्लिप और मीडिया रिपोर्ट्स सौंपकर अपने बयान को ऑथेंटिकेट (प्रमाणित) करने का दावा किया है।

छात्रों पर कार्रवाई और पैलेट गन का मुद्दा

संसद को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने सीधे सवाल करते हुए कहा:

"पैलेट गन और AK-47 का इस्तेमाल क्यों?": "देश के युवाओं पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? क्या यह आदेश प्रधानमंत्री ने दिया या गृह मंत्री ने? क्या हमारे देश के छात्र कोई आतंकवादी थे? पूरा देश आज इस बर्बरता पर सरकार से जवाब मांग रहा है।"

लाठीचार्ज और दमन: "बच्चे शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक और भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन पर लाठीचार्ज किया गया। यह सिस्टम बच्चों के भविष्य को कुचल रहा है।"

शिक्षा व्यवस्था, RSS और NEET पर गंभीर आरोप

प्रियंका गांधी ने देश की शिक्षा प्रणाली के ढांचागत संकट और बजट आवंटन को लेकर सरकार को घेरा:

"उन्होंने हमारे शिक्षा सिस्टम को RSS प्रचारकों से भरकर खोखला कर दिया है। NTA जैसी एजेंसियों को जबरन लाकर और व्यवस्था का केंद्रीयकरण (Centrally-managed) करके मामलों को और उलझा दिया गया है। देश में कुल शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि अकेले NEET के अभ्यर्थियों से 1.32 लाख करोड़ रुपये वसूल लिए जाते हैं।"

लगातार पेपर लीक: पिछले एक दशक में 152 बार पेपर लीक हुए हैं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। इसके बावजूद आज तक किसी बड़े पेपर लीक माफिया को सजा नहीं मिली।

सलाहकार और कमेटियां: प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पीएम को अपने सलाहकार बदलने चाहिए। कागजी कमेटियों से कुछ नहीं होगा, जिनमें 'गोमूत्र के विशेषज्ञों' को बिठाया गया है।

'कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलो': प्रियंका ने कहा कि Gen Z (आज की युवा पीढ़ी) सरकार के झूठे दावों को बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर प्रधानमंत्री युवाओं का भरोसा जीतना चाहते हैं तो उन्हें 'कैमरे का एंगल नहीं, बल्कि दिल का एंगल' बदलना होगा।

सदन में प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी से हंगामा और तीखी बहस

चर्चा के दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर प्रियंका गांधी की टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए।

चरित्र हनन का आरोप: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और खुद प्रह्लाद जोशी ने प्रियंका की टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे 'चरित्र हनन' बताया और रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।

साक्ष्य प्रस्तुत करने की चुनौती: शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सदन में चुनौती दी कि प्रियंका गांधी अपने बयान को साबित करें। इस पर प्रियंका ने कहा कि वे इसे पूरी तरह साबित कर सकती हैं।

स्पीकर की मध्यस्थता: हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ने हस्तक्षेप करते हुए प्रियंका गांधी से बिना पुख्ता तथ्यों के सदन के पटल पर कोई बात न रखने का निर्देश दिया। बाद में विवादित टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटा दिया गया।

स्पीकर को सौंपे प्रमाण: सदन की कार्यवाही के बाद प्रियंका गांधी ने प्रह्लाद जोशी से जुड़े बयान से संबंधित वीडियो क्लिप और समाचार आलेख (आर्टिकल) स्पीकर दफ्तर में जमा कर अपने बयान का सत्यापन किया।

विवाद बढ़ने के आसार

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, पीयूष गोयल और निशिकांत दुबे ने स्पीकर के चेंबर में जाकर मुलाकात की। संसद के बाहर और भीतर जिस तरह से यह मामला गरमाया है, उससे आने वाले दिनों में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव और तेज होने के साफ संकेत मिल रहे हैं।