यवतमाल/मुंबई:

शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को यवतमाल दौरे के दौरान बागी नेताओं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। कार्यकर्ताओं के विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि कुछ स्वार्थी नेताओं के पाला बदलने से शिवसेना कमजोर नहीं हुई है, बल्कि असली और वफादार शिवसैनिक आज भी उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा, "मुझे इस बात पर शर्म आती है कि ऐसे गद्दार नेता इतने लंबे समय तक हमारी पार्टी में रहे।"

उद्धव ठाकरे ने लोकसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कड़े संघर्ष की बदौलत ही पार्टी के 9 सांसद जीतकर आए हैं। उन्होंने शिंदे गुट में शामिल होने वाले सांसदों को चुनौती देते हुए कहा कि वे जनता को जवाब दें कि जिन कार्यकर्ताओं ने खून-पसीना बहाकर उन्हें जिताया, उन्होंने उन्हीं की पीठ में छुरा क्यों घोंपा?

'राम को बीजेपी-मुक्त करने के लिए चलाएंगे आंदोलन'

अयोध्या राम मंदिर में चंदे की कथित अनियमितताओं और देश के राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "बीजेपी ने सच्चे हिंदुत्व के साथ विश्वासघात किया है। जब राम मंदिर बन रहा था, तब हमने श्रद्धा से ईंटें दान की थीं और आज वहां से घोटाले की खबरें आ रही हैं। भगवान के मंदिर को लूटने वाले हमारे हिंदुत्व का हिस्सा कभी नहीं हो सकते। अब हम 'राम को बीजेपी-मुक्त' करने के लिए बड़ा आंदोलन करेंगे।"

'क्या बीजेपी की सदस्यता ही अब देश की नागरिकता है?'

केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने नागरिकता और पहचान पत्रों से जुड़े प्रशासनिक बदलावों पर बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अगर देश में पासपोर्ट को भी नागरिकता का पुख्ता प्रमाण नहीं माना जाएगा, तो क्या अब बीजेपी की सदस्यता को नागरिकता माना जाएगा? क्या बीजेपी अब 'पाकिस्तान जनता पार्टी' बन चुकी है?" उन्होंने यह भी साफ किया कि विकास निधि (डेवलपमेंट फंड) जनता का पैसा है, यह किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं है।

यवतमाल जनसभा के मुख्य बिंदु और बड़े आरोप:

सांसदों की जीत मेरा प्रभाव, खुद की कोई हैसियत नहीं: उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि जो बागी सांसद आज क्षेत्र का दौरा करने को बेकार बता रहे हैं, वे केवल उनके प्रचार और जन समर्थन के कारण ही चुनाव जीत पाए थे। भाजपा केवल संख्या बल बढ़ाने के लिए लोकतंत्र और पार्टियों को तोड़ रही है।

किसानों की अनदेखी पर घेरा: अपने कार्यकाल की कर्जमाफी को याद करते हुए उद्धव ने कहा कि आज राज्य के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी नहीं मिल रही है, लेकिन सत्ता के नशे में चूर 'नौसिखिए' सांसद अपनी सीटें पक्की मानकर बैठे हैं।

अनिल देसाई और अरविंद सावंत का तीखा हमला: दौरे पर साथ रहे वरिष्ठ नेता अरविंद सावंत ने पाला बदलने वाले सांसदों को 'महाराष्ट्र पर कलंक' बताते हुए कहा, "पार्टी ने सांसदों के साथ कोई अन्याय नहीं किया था। मीडिया रिपोर्ट्स से साफ है कि इन्होंने अपनी सांसद निधि तक का इस्तेमाल नहीं किया। ये पूरी तरह बिकाऊ और भ्रष्ट हैं और देश में इस भ्रष्टाचार की जननी बीजेपी है।"

यवतमाल के इस दौरे और उद्धव ठाकरे के आक्रामक तेवरों ने साफ कर दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र की सियासी जंग बेहद दिलचस्प और कटुतापूर्ण होने वाली है।