लखनऊ।उत्तर प्रदेश 2022 का विधानसभा चुनाव जितना नजदीक आ रहा है उतना ही पार्टीयों को चुनावी शुरूर चढ़ रहा है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरूवार पांच अगस्त को लखनऊ में साइकिल यात्रा निकाली।सपा ने पूरे प्रदेश में साइकिल यात्रा निकालने का निर्णय लिया है।सपा के दिग्गज नेता रहे जनेश्वर मिश्र उर्फ छोटे लोहिया की जयंती पर ये कार्यक्रम रखा गया है। बाइस में बाइसाइकिल के नारे के साथ सपा का इरादा यूपी की सत्ता में वापसी का है।अखिलेश यादव के लिए यूपी 2022 का विधानसभा चुनाव आर या पार की लड़ाई बन गया है। आपको बता दे कि लगातार तीन चुनाव हारने के बाद से पार्टी कार्यकर्ताओं का जोश हाई करने के लिए अखिलेश साइकिल की सवारी कर रहे हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश ने राहुल गांधी के साथ गठबंधन किया था। अखिलेश 2019 का लोकसभा चुनाव अपने कट्टर विरोधी मायावती के साथ मिल कर लड़ा था लेकिन अखिलेश को इन चुनावों में कोई फ़ायदा नहीं हुआ। इस बार अखिलेश ने किसी भी बड़ी पार्टी से चुनावी तालमेल न करने का बीड़ा उठाया है।सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लगता है कि योगी सरकार के ख़िलाफ़ लोगों में नाराज़गी है और इसको मुद्दा बना कर वे एंटी इंकम्बेन्सी माहौल बना कर सत्ता में वापसी कर सकते हैं। अखिलेश की इस राह में कांग्रेस, बीएसपी और ओवैसी की पार्टी जैसे रोड़े भी हैं।विगत दिनों अखिलेश ने कहा था कि बीजेपी से लड़ने के बजाय ये पार्टियां हमसे लड़ रही हैं।अखिलेश ने कोरोना की दूसरी लहर से पहले प्रदेश के कई ज़िलों में जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं के ट्रेनिंग कैंप भी लगवाए।

अखिलेश की तैयारी अब सड़कों पर उतरने की है।आज गुरूवार जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या राम मंदिर के भूमि पूजन के एक साल पूरा होने पर रामलला के दरबार में हैं तो वही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लखनऊ की सड़कों पर साइकिल की सवारी कर रहे हैं।प्रदेश की हर तहसील पर साइकिल यात्रा निकाली जा रही है।लखनऊ कंट्रोल रूम से पल पल की नज़र रखी जा रही हैं।पार्टी के बड़े बड़े नेताओं की ज़िलों में ड्यूटी लगाई गई है और कोशिश साइकिल यात्रा के बहाने हवा बनाने की है। सांसदों, पूर्व मंत्रियों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों से लेकर पार्टी के पदाधिकारियों को साइकिल चलाने के लिए कल ही बोला गया था।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पहले रथ यात्रा और अब साइकिल की सवारी के सहारे यूपी की सत्ता में वापसी की लिए लगे है।