प्रतिनिधि,चतरा। इटखोरी प्रखंड के नवादा पंचायत ग्राम कोईंडा के चर्चित अमन कुमार हत्याकांड मामले में शामिल तीसरी अभियुक्ता आशा देवी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। विदित हो कि अमन कुमार गत 21 अक्टूबर को अपने घर से स्कूल पढ़ने गया था स्कूल से वह 12 बजे दिन में अपने घर लौट आया था। किताब कॉपी रखकर वह बाहर के एक पल पर खेल रहा था जहां से तीन आरोपियों ने पड़कर उसे अपने घर ले जाकर मौका पाकर शौचालय के टंकी में जिंदा डाल दिया था,जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी।





घटना के वक्त उसकी मां घर पर नहीं थी उसके पिता मुंबई में नौकरी करते थे। घर आने पर अमन की मां ने किताब कॉपी देखकर अमन की खोज बिन शुरू की किंतु अमन का कुछ भी पता ना चला। अमन की मां ने उसी दिन शाम में इटखोरी थाने में अपने बेटे की गुमशुदगी का सनहा दर्ज करवाया। अमन की मां पूनम देवी के लिखित आवेदन के आधार पर अज्ञात के विरुद्ध इटखोरी थाना कांड संख्या 124/23 दिनांक 24-10-23 धारा 363 भारतीय दंड विधान दर्ज किया गया था।दिनांक 25-10-23 को अपहृत अमन कुमार का शव घर के बगल से सेफ्टी टैंक से बरामद हुआ था।





पुलिस अधीक्षक ने छात्र के द्वारा कांड की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई एवं कांड का उद्भेदन हेतु पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय चतरा के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया गया था।गठित टीम के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए कांड के अप्राथमिक अभियुक्तों में से दो को गिरफ्तार कर 26-10-23 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। त्वरित कार्रवाई के दौरान मृतक के दादा सकलदेव साव चाचा आशीष साव को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।





पुलिस अधीक्षक चतरा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर इटखोरी पुलिस के द्वारा एक टीम का गठन कर इस हत्याकांड में शामिल तीसरी फरार अभियुक्ता आशा देवी जो घटना के समय से फरार चल रही थी।अमन की हत्या में संलिप्त चाची आशा देवी पति गोकुल साव साकीन कोईंडा थाना इटखोरी जिला चतरा अपने रिश्तेदारों के यहां छुप-छुप कर रह रही थी, जिसे गुरुवार 30-11-2023 को बरकट्ठा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार अभियुक्ता द्वारा अमन हत्याकांड में संलिप्तता स्वीकार करने के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अभियुक्ता को गिरफ्तार करने के लिए छापामारी दल का गठन किया गया। जिसका नेतृत्व पु०अ० नि० विनोद कुमार थाना प्रभारी इटखोरी थाना पु० अ० नि० अनिल कुमार इटखोरी थाना एवं इटखोरी थाना सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।