आमड़ापाड़ा के फतेहपुर में आयोजित कार्यक्रम में कल्पना सोरेन ने किया जनसभा को संबोधित





हेमंत सोरेन की उपलब्धियां गिनाकर विजय हांसदा को वोट देने की अपील की





पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,पाकुड़।झामुमो की स्टार प्रचारक सह पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को आमड़ापाड़ा प्रखंड अंतर्गत फतेहपुर स्थित फुटबॉल मैदान में चुनावी जनसभा को संबोधित किया।कल्पना सोरेन ने हेमंत सोरेन के कार्यकाल की उपलब्धियां को जनता के बीच गिनाया और एक जून को लोकसभा चुनाव के इंडिया गठबंधन के झामुमो प्रत्याशी विजय हांसदा को तीर धनुष पर वोट देने की लोगों से अपील की।भीषण गर्मी में भी हजारों लोग कल्पना सोरेन का भाषण सुनने के लिए कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।





जनसभा को संबोधित करते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि कोरोना काल में हेमंत सोरेन ने झारखंड से बाहर गए रोजगार करने वाले लोगों को हवाई जहाज से मंगाने का काम किया। लोगों के घर पर खाने पीने तक की व्यवस्था की।यहां के लोगों को रोजगार देने की दिशा में काम किया। समाज के हर वर्ग, धर्म, जाती के लोगों को पेंशन योजना से जोड़कर उन्हें आत्म निर्भर बनाने की दिशा में काम किया। पेंशन पाने की उम्र 60 से घटाकर 50 की गई। केंद्र सरकार के द्वारा बार-बार गरीबों के आवास के लिए राशि मांगे जाने के बावजूद भी न देने पर उन्होंने आबुआ आवास योजना से राज्य के 20 लाख लोगों के लिए आवास की स्वीकृति दी है। उन्होंने राज्य के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी, बढ़ती लोकप्रियता के कारण केंद्र सरकार घबरा गई और झूठा आरोप लगाकर उन्हें जेल के सलाखों में डाल दिया। अब वक्त आ गया है राज्य की जनता एकजुट होकर भाजपा को मुहतोड़ जवाब दे और एक जून को झारखंड मुक्ति मोर्चा, इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी विजय हांसदा को तीर धनुष पर वोट देकर राहुल गांधी के हाथ को मजबूत करने का काम करें।





मंच में कल्पना सोरेन बारी-बारी से आदिवासी और हिन्दी में अपनी बातो को रख रही थी।मंच पर उपस्थित पूर्व मंत्री हेमलाल मुर्मू, लिट्टीपाड़ा के झामुमो विधायक दिनेश मरांडी, महेशपुर के झामुमो विधायक प्राेo स्टीफन मरांडी ने भी अपनी-अपनी बातें जनता के सामने रखी और विजय हांसदा को वोट देकर जिताने की अपील की।





सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस पदाधिकारी सहित कई पुलिस एवं होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया था।महिला पुलिस भी मोर्चा को संभाली हुई थी। थाना प्रभारी विधि व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे।