पेरिस/वाशिंगटन: यूरोपीय देश फ्रांस इस समय भीषण देशव्यापी हिंसक प्रदर्शनों और आंतरिक संकट के दौर से गुजर रहा है। राजधानी पेरिस समेत कई प्रमुख शहरों में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसक झड़पों के बाद कर्फ्यू लागू करना पड़ा है। फ्रांस में सुलगती इस हिंसा के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को आड़े हाथों लेते हुए दावा किया है कि यदि यही हाल रहा, तो बहुत जल्द पेरिस एक 'मुस्लिम शहर' बन जाएगा। उन्होंने इन हालात के लिए पूरी तरह से अनियंत्रित आप्रवासन (इमिग्रेशन) नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।

ट्रंप बोले- 'मैंने मैक्रों से कहा था सीमाएं बंद कर दें'

मीडिया से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के हालात पर गहरी चिंता और दुख जताया। उन्होंने सीधे तौर पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की नीतियों पर सवाल खड़े किए। ट्रंप ने कहा, "पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बन जाएगा। इमैनुएल को बहुत पहले ही अपनी सीमाएं बंद कर देनी चाहिए थीं, मैंने उनसे पहले भी ऐसा करने को कहा था। फ्रांस में जो कुछ भी हो रहा है, उसका संबंध स्कूलों या किसी अन्य चीज से नहीं, बल्कि सीधे तौर पर इमिग्रेशन से है।" ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब फ्रांस में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

3000 बिजनेस तबाह, 2400 से अधिक गिरफ्तारियां

पिछले सप्ताह के अंत में हुए हिंसक दंगों के दौरान उग्र भीड़ ने देश भर के सिटी हॉलों, प्रमुख सार्वजनिक इमारतों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई थी कि पुलिस को बड़े पैमाने पर कार्रवाई करनी पड़ी। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कम से कम 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि शुरुआती अनुमानों के अनुसार लगभग 3,000 व्यापारिक प्रतिष्ठानों को या तो लूटा गया है या उनमें भारी तोड़फोड़ की गई है।

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पेरिस में कर्फ्यू और राजनीतिक संकट गहराया

हालात की गंभीरता को देखते हुए पेरिस पुलिस ने राजधानी के 'प्लेस डे ला रिपब्लिक' और 'लेस हालेस' शॉपिंग डिस्ट्रिक्ट इलाके में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक कड़ा कर्फ्यू लगा दिया है। साथ ही रात 8 बजे के बाद लोगों के जमा होने पर भी प्रतिबंध है। कई अन्य शहरों में भी कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं, जिसमें नाबालिगों के लिए नाइट कर्फ्यू भी शामिल है।

इस राष्ट्रीय अशांति के कारण फ्रांस की राजनीति में भी भारी भूचाल आ गया है। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने हालांकि पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि भारी हिंसा के बावजूद किसी की जान का नुकसान नहीं होना एक चमत्कार जैसा है। इसी बीच, बढ़ते दबाव के चलते गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने रविवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसे राष्ट्रपति मैक्रों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए फिलहाल खारिज कर दिया है।

खुफिया तंत्र की विफलता और विपक्ष का हमला

राष्ट्रपति मैक्रों ने गृह मंत्री नुनेज को खुफिया जानकारी जुटाने और योजना बनाने में हुई गंभीर कमियों की पारदर्शिता से जांच करने और पुलिस नीतियों में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। खुद गृह मंत्री नुनेज ने भी स्वीकार किया है कि कुछ बड़े शहरों में प्रशासन का नियंत्रण पूरी तरह समाप्त हो गया था।

दूसरी ओर, 'नेशनल रैली' के अध्यक्ष जॉर्डन बार्डेला ने राष्ट्रपति मैक्रों और सरकार पर जनता की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे आगामी चुनावों में सरकार को जवाबदेह ठहराएं।

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