सैक्रामेंटो/वाशिंगटन:

अमेरिकी चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। कैलिफोर्निया में गैर-कानूनी तरीके से मतदान करने के आरोप में 28 ग्रीन कार्ड धारकों (वैध स्थायी निवासियों) के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन विदेशी नागरिकों में दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।

न्याय विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार, आरोपी भारतीयों की पहचान 30 वर्षीय अमनदीप कौर और 67 वर्षीय कमलेश शाह के रूप में हुई है।

क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी कानून के तहत स्थायी रूप से रहने की अनुमति प्राप्त 'ग्रीन कार्ड धारक' (LPRs) अमेरिकी नागरिक नहीं होते हैं। इसलिए उन्हें देश के राष्ट्रपति या अन्य संघीय/राज्य स्तर के चुनावों में मताधिकार का कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं है।

न्याय विभाग के मुताबिक:

  • कमलेश शाह (67 वर्ष): सैक्रामेंटो के निवासी कमलेश शाह ने नवंबर 2024 में अमेरिकी चुनाव के ही दिन धोखाधड़ी से अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज कराया और उसी दिन अपना वोट भी डाल दिया।
  • अमनदीप कौर (30 वर्ष): रैंचो पालोस वर्डेस की निवासी अमनदीप कौर अमेरिकी नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया में थीं। आरोप है कि उन्होंने दिसंबर 2022 में फर्जी दस्तावेजों और बयानों के आधार पर मतदाता पंजीकरण कराया और बाद में नवंबर 2024 के चुनाव में मतदान किया।

'ऑपरेशन प्रोटेक्ट द वोट' के तहत सुबह-तड़के छापेमारी

अमेरिकी चुनावों की गरिमा और पारदर्शिता की रक्षा के लिए न्याय विभाग ने राज्यभर में 'ऑपरेशन प्रोटेक्ट द वोट' (Operation Protect the Vote) नामक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत अलसुबह की गई छापेमारी में नामजद 28 में से 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में दोनों भारतीय नागरिक शामिल हैं या नहीं।

कार्यवाहक उप अटॉर्नी जनरल ट्रेंट मैककॉटर ने बताया कि जिन 28 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उन सभी के नाम कैलिफोर्निया के चुनाव अधिकारियों को सौंपी गई 20,000 से अधिक संदिग्ध गैर-नागरिक मतदाताओं की व्यापक जांच सूची में शामिल थे।

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हो सकती है 5 साल तक की संघीय जेल

अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वैध स्थायी निवासी (Green Card Holder) होना किसी को वोट देने का अधिकार नहीं देता। आरोपियों पर नागरिकता आवेदनों में झूठे दावे करने, धोखाधड़ी से मतदाता पंजीकरण कराने और गैर-नागरिक होते हुए मतदान करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

यदि अदालत में इन पर दोष सिद्ध होता है, तो इन्हें अधिकतम 5 वर्ष तक की संघीय जेल (Federal Prison) की सजा भुगतनी पड़ सकती है। इसके साथ ही, भविष्य में इनकी अमेरिकी नागरिकता रद्द होने और इन्हें देश से निर्वासित (Deport) किए जाने का भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

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