दुशान्बे/नई दिल्ली:
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और बाधित सप्लाई चेन के बीच ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सरकार प्रमुखों की परिषद (CHG) की 25वीं बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों को परस्पर मजबूत करने वाला मूल मंत्र प्रस्तुत किया।
बैठक के दौरान भारत ने वर्ष 2026 से 2030 की अवधि के लिए बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम (Multilateral Trade and Economic Cooperation Programme) की कार्ययोजना को अपनाने का स्पष्ट समर्थन किया।
वैश्विक चुनौतियों और सप्लाई चेन पर जताई चिंता
सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल भारी अनिश्चितता से घिरा हुआ है। संघर्षों और भू-राजनीतिक खिंचाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, जिससे ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर गहरा संकट मंडरा रहा है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नई प्रौद्योगिकियाँ जहाँ अर्थव्यवस्थाओं का कायाकल्प कर रही हैं, वहीं वे नए सामाजिक और आर्थिक विभाजन भी पैदा कर रही हैं।
सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर: एक-दूसरे के पूरक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा:
"सुरक्षा से निवेश को प्रोत्साहन मिलता है, जबकि बेहतर कनेक्टिविटी व्यापार को आसान बनाती है और समृद्धि के नए द्वार खोलती है। सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसर एक-दूसरे को मजबूत करते हैं।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि SCO की सरकार प्रमुखों की परिषद की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह नेताओं के राजनीतिक विजन को धरातल पर उतारे, ताकि इसका प्रत्यक्ष लाभ आम जनता के जीवन स्तर में सुधार के रूप में दिखाई दे।
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2026-2030 के आर्थिक रोडमैप का समर्थन
क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में भारत ने 2026-2030 के आर्थिक सहयोग कार्यक्रम का पुरजोर समर्थन किया। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्थिक सहयोग का वास्तविक लाभ समाज के सभी वर्गों और अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना अनिवार्य है। भारत एक ऐसी पारदर्शी और समावेशी कनेक्टिविटी का पक्षधर है जो विभिन्न बाजारों को आपस में जोड़े, व्यापार को सुगम बनाए और स्थायी विकास सुनिश्चित करे।
दुशान्बे पहुंचने पर रेड कार्पेट स्वागत
इससे पूर्व, SCO बैठक में हिस्सा लेने दुशान्बे पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हवाई अड्डे पर औपचारिक और भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा तथा ताजिकिस्तान विदेश मंत्रालय के एशिया-प्रशांत प्रभाग के प्रमुख शेराली जोमोन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
वैश्विक उथल-पुथल के इस दौर में आयोजित यह SCO बैठक सदस्य देशों के बीच व्यावहारिक साझेदारी और ठोस परिणाम हासिल करने के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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