पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,रांची।झारखंड चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के स्टार्टअप उप समिति की बैठक बुधवार को चैम्बर भवन में हुई। बैठक में यह कहा गया कि स्टार्टअप पॉलिसी का रिवाइज वर्सन जिसे वर्ष 2023 में लागू किया जाना था अबतक लागू नहीं किया जा सका है। चैम्बर द्वारा गत वर्ष आयोजित स्टार्टअप कॉन्क्लेव में इसकी जानकारी दी गई थी,लेकिन कतिपय कारणों से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।





बैठक में यह कहा गया कि सरकार का इन्क्यूबेशन सेंटर अब तक बंद पड़ा हुआ है और 130 से अधिक स्टार्टअप जिनका चयन हुआ था वे चिंतित हैं।सरकार को इसपर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।चैम्बर राज्य में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए काफी तत्पर है।इसके लिए चैम्बर एक इन्क्यूबेशन सेंटर बनाकर झारखंड एवं अन्य राज्य के स्टार्टअप कंपनियों को आगे बढ़ाएगा और उन्हें प्रेरित करेगा।





बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गयी कि नए वर्ष की शुरुआत में स्टार्टअप कॉन्क्लेव का आयोजन भी किया जायेगा।इसके लिए राज्य के सभी स्टार्टअप को साथ जोड़ने का प्रयास भी शुरू कर दिया गया है।





उप समिति चेयरमैन मनीष पियूष ने कहा कि झारखंड ही नहीं आसपास के अन्य किसी भी राज्य के स्टार्टअप का भी चैम्बर स्वागत करेगा और यहां के सकारात्मक मार्केट और टैलेंट को जोड़कर एक बड़ी कंपनी बनाने की संभावना आगे देखती है।





बैठक में चैम्बर अध्यक्ष परेश गट्टानी,उपाध्यक्ष राहुल साबू, ज्योति कुमारी,सह सचिव नवजोत अलंग,कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल,कार्यकारिणी सदस्य आस्था किरण,उप समिति चेयरमैन मनीष पियूष,सदस्य अंकिता वर्मा,सौरभ कुमार,ऋतू राज,गुरु प्रवीण रेड्डी,नामित कौर,मिथिलेश चौधरी,पियूष अग्रवाल,कृष्णा किशोर,आदित्य कुमार,प्रत्युष कुमार,सतीश महतो,अभिषेक उरांव सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।