धनबाद।जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की मौत मामले में गिरफ्तार ऑटो चालक लखन वर्मा के सहयोगी राहुल वर्मा की मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर एफएसएल में ब्रेन मैपिंग शुरू हुई। लखन वर्मा जांच में ब्रेन मैपिंग और नार्को एनालिसिस के लिए अनफिट पाया गया। मंगलवार को स्थानीय अस्पताल में फिर से लखन वर्मा का फिटनेस टेस्ट हुआ।सीबीआई को अब लखन की रिपोर्ट का इंतजार है।



ब्रेन मैपिंग से पहले राहुल ने नौटंकी की,राहुल की नौटंकी से एफएसएल के विशेषज्ञ और सीबीआई अधिकारी परेशान हुए।राहुल से पूछा गया कि यदि उसे कोई नेचुरल कॉल (शौच) है तो बताए तो इस पर पहले राहुल ने इनकार कर दिया।लेकिन जब राहुल की ब्रेन मैपिंग शुरू हुई तो लघु शंका और दीर्घ शंका (शौच) जाने की बात कहने लगा। बताया जा रहा है कि ब्रेन मैपिंग के बाद जल्द ही राहुल का नार्को एनालिसिस टेस्ट होगा।



टेस्ट से पहले राहुल का अहमदाबाद सिविल अस्पताल में फिटनेस टेस्ट हुआ था।डॉक्टरों ने राहुल को ब्रेन मैपिंग और नार्को एनालिसिस के लिए फिट बताया लेकिन डॉक्टरों के अनुसार लखन वर्मा टेस्ट के लिए अनफिट है।

आपको बता दें कि पांच अगस्त से सीबीआई दिल्ली क्राइम ब्रांच-1 की टीम इस मामले की जांच में जुटी है। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक इस केस पर सीबीआई के अनुसंधान पर नजर बनाए हुए हैं।

भारी दबाव के बाद भी अभी तक सीबीआई की जांच जज को टक्कर मारने से आगे नहीं बढ़ सकी है। तमाम आधुनिक टेस्ट के बाद भी लखन वर्मा और राहुल वर्मा अपने पुराने बयान पर अडिग हैं।दोनों कह रहे कि नशे में ये भूल हुई है।दोनों किसी भी तरह की नई जानकारी सीबीआई को नहीं दे रहे हैं। अब नार्को एनालिसिस से ही सीबीआई की अंतिम उम्मीद जुड़ी है।