पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी का संभल और मुरादाबाद जिले का दौरा कई सियासी दलों में जबरदस्त खलबली मचा कर रख दिया है। आपको बताते चले कि ओवैसी की एंट्री मुरादाबाद मे कोई पहली बार नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश के 2017 के विधानसभा चुनाव में ओवैसी ने यहां तकरीरें की थीं। इस बार ओवैसी पहले से और अधिक आक्रामक मूड के साथ उतरने की तैयारी में हैं। दिल्ली रोड के एक होटल में ओवैसी ने मंडल की सभी सीटों का गुणा भाग कर गणित को समझा।टिकट लेने के लिए कई लोग ओवैसी मिले।सूबे की योगी सरकार को चारो तरफ से घेरने के साथ समाज के लोगों की दुर्दशा, शोषित वंचितों के लिए काम करने के दावे के साथ ओवैसी यूपी के 2022 विधानसभा के चुनाव में कुछ दलों की मुश्किला बढ़ा सकते हैं। पश्चिम यूपी में मुस्लिम बहुल सीटें और पूर्वांचल में राजभर की बहुलता वाली सीटें ओवैसी की निगाह में जम गई हैं।ओवैसी अपनी रणनीति का खुलासा नहीं करते हैं लैकिन इतना जरूर कहते हैं कि जम्हूरियत में सबको वोट देने का अधिकार है और चुनाव के मैदान में उतरने का अधिकार है। ओवैसी ने कहा कि सवाल करते हैं यूपी की जनता ने जिनका साथ दिया उन्होंने उनके लिए क्या किया? एआईएमआईएम के मंडल के नेताओं के साथ ओवैसी ने हर सीट के वोट प्रतिशत और समीकरणों पर बात की। ओवैसी के चुनावी मिशन में मुरादाबाद मंडल ही नहीं मेरठ और सहारनपुर मंडल भी शामिल है। ओवैसी का मानना है कि ओम प्रकाश राजभर का साथ उन्हें पूर्वांचल में ताकत देगा। इससे साथ ही कई छोटे दलों का एक मोर्चे की दिशा में काम चल रहा है।ओवैसी कितनी मुश्किलें खड़ी करेंगे अभी कहना जल्दबाजी है।लेकिन ओवैसी का ये दौरा कई सियासी दलों को गहरी सांसे लेने को मजबूर जरूर कर रहा है। संभल के सासंद ने ठीक एक दिन पहले ओवैसी को मुस्लिम वोट बांटने वाला बताया था लेकिन ओवैसी बात बात में यह इशारा जरूर कर गए कि चुनाव को हल्के में नहीं लेंगे जो लोग हमें हल्के में ले रहे वह भी हमें हल्के में न लें। इसीलिए अभी से मेहनत कर रहे हैं।