रांची पुलिस ने रिम्स से चार दिन पहले फरार हुए नक्सली कृष्ण मोहन झा उर्फ अभय जी उर्फ धनंजय कुमार मेहता उर्फ काली झा और उसका दोस्त सर्राफा व्यापारी मुकेश कुमार को मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया है।गुरुवार की सुबह दोनों को पुरानी बाजार स्थित एक सर्राफ के घर से गिरफ्तार कर पुलिस रांची पहुंची।पुलिस ने दो मोबाइल भी जब्त किया है और जब्त मोबाइल का सीडीआर निकाला जा रहा है। इससे नक्सलियों के पूरे नेटवर्क और सर्राफा कारोबारी मुकेश के कनेक्शन का राज खुलेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में पुरानी बाजार में जुम्मा मस्जिद के पास मुकेश का घर है। मुकेश के पिता रिटायर बैंक मैनेजर हैं। 20 सितम्बर से नक्सली कृष्ण मोहन मुकेश के घर में छिपा हुआ था।कृष्ण मोहन के भागने के बाद रांची पुलिस को कई गोपनीय जानकारी मिली थे।गोपनीय जानकारी आधार पर रांची पुलिस बुधवार की देर रात मुजफ्फरपुर पहुंची थी।रांची पुलिस मुजफ्फरपुर के एसएसपी जयंतकांत से मिली और एसएसपी ने नगर थानेदार ओम प्रकाश को टीम भेजकर कृष्णामोहन की गिरफ्तारी करने में सहयोग का निर्देश दिया। नगर थाने के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार पंडित और रांची पुलिस के सब इंस्पेक्टर आकाश भारद्वाज की टीम ने पुरानी बाजार में मुकेश के घर पर छापेमारी की।
आपको बता दें कि नक्सली कृष्ण मोहन झा रांची के बिरसा मुंडा केद्रीय कारागार में अपहरण व हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।रिम्स में अपने इलाज के दौरान 19 सितम्बर को भाग निकला था।
नक्सली कृष्ण मोहन झा मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी थाना क्षेत्र के बथना का रहने वाला है।मगर कृष्ण मोहन ज्यादा झारखंड में ही सक्रिय रहा।कई वर्षों से अपने गांव नहीं आया था और जब रिम्स से कृष्ण मोहन भागा तो विशेष टीम उसे खोजते हुए उसके घर पहुँची थी,लेकिन रांची पुलिस को वहां से जानकारी मिली की कृष्ण मोहन कई अरसे से गांव नहीं आया है।कृष्णमोहन के लिवर में संक्रमण था और नाक से भी खून आता था। इसकी शिकायत पर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से रिम्स में भर्ती कराया गया था। उसकी देखरेख में तीन गार्ड तैनात थे।
रांची पुलिस के मुताबिक कृष्ण मोहन झा हार्डकोर नक्सली है।कुछ सालों पहले एक पुलिसकर्मी का अपहरण किया था और उसकी हत्या करने के बाद उसके पेट में बम प्लांट किया था। इसके बाद पुलिस को शव ले जाने के लिए बुलाया था। शव लेने आने वाले पुलिस अधिकारियों को बम से उड़ाने की उसकी मंशा थी। लेकिन, पुलिस ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।





