वाराणसी: धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में भारतीय वायुसेना के एयर शो का तीसरा दिन ऐतिहासिक और रोमांचक क्षणों का गवाह बना। रविवार को गंगा की लहरों के ऊपर और आसमान के कैनवास पर जब देश के सबसे ताकतवर लड़ाकू विमानों ने अपनी कलाबाजियां दिखाईं, तो पूरा शहर गर्व से भर उठा। वायुसेना दिवस की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 'विंग्स ओवर गंगा' थीम पर आयोजित इस भव्य आयोजन के साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सुबह से ही उमड़ा जनसैलाब
रविवार की सुबह से ही वाराणसी के सभी गंगा घाटों पर देशप्रेमियों का भारी हुजूम उमड़ना शुरू हो गया था। सुबह 9 बजे से ही सीढ़ियों पर अपनी जगह पक्की कर चुके दर्शकों की निगाहें सिर्फ आसमान पर टिकी थीं। जैसे ही लड़ाकू विमानों की गर्जना गंगा के ऊपर गूंजी, पूरा आसमान तालियों और भारत माता के जयकारों से गूंज उठा।
पीएम मोदी का व्यस्त और प्रेरणादायक दौरा
आयोजन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह 10:10 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से वे सीधे मिर्जामुराद के खोचवां पहुंचे, जहां उन्होंने अरविंद मिल की नई यूनिट का उद्घाटन किया और वहां काम कर रही 40 महिला कर्मियों से संवाद कर उनके हौसले को सराहा। इसके बाद, हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन ग्राउंड पहुंचकर वे नमो घाट पहुंचे और वायुसेना के इस अद्भुत एयर शो का आनंद लिया।
इसे भी पढ़ेंः भीषण' रूप ले रहा चक्रवात 'अर्णव', 165 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं! ओडिशा-आंध्र में रेड अलर्ट जारी
आसमान में दिखा अदम्य साहस और अद्भुत फॉर्मेशन
एयर शो के दौरान भारतीय वायुसेना के आधुनिक और शक्तिशाली विमानों ने अपने सटीक कौशल का प्रदर्शन किया:
- एरोहेड फॉर्मेशन (प्रचंड): इस विशेष प्रस्तुति में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 सहित छह प्रमुख लड़ाकू विमानों ने तीर की नोक (एरोहेड) जैसी आकृति में उड़ान भरकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। इसे 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय वायुसेना की युद्ध क्षमता और विविधता से जोड़ा गया।
- नीलकंठ फॉर्मेशन (राफेल): तीन फ्रांसीसी निर्मित बहुउद्देशीय राफेल लड़ाकू विमानों के समूह ने जब गंगा के ऊपर से उड़ान भरी, तो उनकी गड़गड़ाहट और अनुशासन ने दर्शकों का मन मोह लिया।
- पशुपति फॉर्मेशन (जगुआर): भारतीय वायुसेना में 'शमशेर' के नाम से पहचाने जाने वाले चार जगुआर विमानों ने काशी की धार्मिक पहचान के अनुरूप 'पशुपति' फॉर्मेशन यानी हीरे (डायमंड) जैसी आकृति में बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर अपनी मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
#WingsOverGanga #IndianAirForce #VaranasiAirShow #NarendraModi #YogiAdityanath #IndianAirForceDay #KashiNews #AatmanirbharBharat #DeshBhakti





