वाराणसी।फिल्मों को लेकर अक्सर विवाद सामने आ रहे हैं। इस समय आदिपुरुष फिल्म को लेकर लोग भड़क गए हैं। आध्यात्मिक नगरी काशी में गुरुवार को भारतीय अवाम पार्टी के कार्यकर्ताओं और मुस्लिम महिलाओं ने फिल्म आदिपुरुष के खिलाफ लमही गेट पर प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका। फिल्म के निर्माता निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।इनके आतंकी कनेक्शन होने का आरोप लगाते हुए सरकार से जांच कराने की मांग की।





भारतीय अवाम पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नजमा परवीन ने कहा कि यह कोई भारतीय कैसे बर्दाश्त कर सकता है कि बॉलीवुड भगवान श्रीराम और हनुमानजी का अपमान करे और हम चुप रहें।उन्होंने कहा कि आदिपुरुष फिल्म में भगवान के चित्र से अलग चित्र दिखाकर हिन्दू धर्म को अपमानित किया गया है। फिल्म के निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजना चाहिए। हर बार हिन्दू ही क्यों धैर्य रखें और बार-बार अपमानित हों। धार्मिक विद्वेष फैलाने और भगवान का अपमान करने के आरोप में इनको कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ताकि दोबारा कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके।





प्रदेश महासचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि बजरंगबली के अपमान पर केवल फिल्म पर प्रतिबंध से काम नहीं चलेगा। इसमें शामिल सभी कलाकारों और निर्माताओं की जांच हो। कहीं इन सभी के तार आतंकवादियों से तो नहीं जुड़े हैं। जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि फिल्म को चलने तो नहीं देंगे, इसके किसी कलाकारों को बनारस में प्रवेश भी नहीं करने देंगे। बॉलीवुड ने हिन्दू देवी देवताओं को अपमानित करने का चलन बना लिया है। इससे धार्मिक भावनाएं कभी भी भड़क सकती हैं। जिला उपाध्यक्ष राजकुमार राजू ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक पर आरोप लगाए। सुभाषवादी नेता नाजनीन अंसारी ने कहा कि ऐसा कर भारतीय संस्कृति को अपमानित करने का काम किया जा रहा है।





प्रदर्शन और पुतला दहन में राजीव कुमार गिरी, सूरज चौधरी, पूजा खोसला, पुनीत खोसला, एके यादव, दिलीप कुमार, मोनी खान, सुनीता श्रीवास्तव, पूनम श्रीवास्तव, मैना देवी, रमता श्रीवास्तव, प्रभावती, पार्वती, शीला, नगीना, रीता, धनेसरा, बेचना, ममता, अंजु, धनंजय यादव, तबरेज भारतवंशी शामिल रहे।