वाराणसी।देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।कल गुरुवार को गंगा का जलस्तर तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है।घाटों की सीढ़ियां डूब चुकी हैं। वहीं सपर्क भी टूट गया है।ऐसे में लोग अब घाटों के रास्ते एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं जा पाएंगे। गंगा के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी से प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है।एनडीआरएफ, जल पुलिस आदि टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। ताकि किसी तरह की स्थिति का सामना करने के लिए पहले से तैयार रहें।
गुरुवार की रात गंगा का जलस्तर 63.84 मीटर तक पहुंच गया। ऐसे में घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं। तेजी से पानी बढ़ रहा है। ऐसे में नाव से गंगा पार जाने पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं आरती का स्थल भी बदलकर ऊपर कर दिया गया है। पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश व बाढ़ का पानी गंगा में पहुंच रहा है। इसकी वजह से गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार को घाट से श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ धाम दर्शन व जलाभिषेक के लिए नहीं जाने दिया जाएगा।
बता दें कि काशी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का बिंदु 71.262 मीटर है। इस हिसाब से गंगा जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु से काफी नीचे हैं, लेकिन सावधानी जरूरी है।





