कृषि निदेशालय,झारखंड,बोकारो कृषि कार्यालय व जीटी भारत द्वारा कृषि अवसरंचना कोष पर जागरुकता कार्यशाला





क़ृषि अवसंरचना कोष व झारखण्ड राज्य क़ृषि ऋण माफ़ी योजना के बारे में किसानों तथा पदाधिकारियों को विस्तार पूर्वक दी गई जानकारी





प्रतिनिधि,गिरिडीह। स्थानीय नगर भवन परिसर में क़ृषि निदेशालय झारखण्ड सरकार‌ रांची जिला क़ृषि कार्यालय, बोकारो एवं जीटी भारत की ओर से जिले के करीब 1000 किसानों, एसएचजी, फेडरेशन एवं एफपीसी के प्रतिनिधियों के साथ कृषि अवसंरचना कोष विषयक जागरुकता कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष, उपायुक्त, उप विकास आयुक्त तथा अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया।





इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा, जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया कुमारी, उप विकास आयुक्त शशिभूषण मेहरा एवम अन्य गणमान्य अतिथि जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रश्मि सिन्हा, जिला कृषि पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार सिंह, उप परियोजना निदेशक रमेश कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी, डीडीएम नाबार्ड, डीपीएम जेएसएलपीएस, निदेशक - जीटी भारत ने हिस्सा लिया।





कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उपायुक्त‌ नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा आमजनों के कल्याण हेतु कई कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। योजनाओं के कन्वर्जन से विभिन्न प्रकार के लाभ से किसानों को लाभान्वित किया जा सकता है।उपायुक्त ने गिरिडीह जिले के एक किसान का उदाहरण देते हुए बताया कि मनरेगा के द्वारा उसे कूप, कुसुम योजना से पंप, सोलर पैनल आदि का लाभ मिला था,जिसके माध्यम से सहयोग लेते हुए आम बागवानी का कार्य सफलतापूर्वक कर रहा है और अपने आय में वृद्धि कर रहा है।





उपायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, कल्याण विभाग की योजना तथा जेएसएलपीएस के अंतर्गत महिला लखपति योजना आदि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल नेटवर्किंग साइट्स यथा फेसबुक, ट्विटर आदि से सुचारू रूप से किया जाएगा। ताकि आम जनों को इन योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जा सकें। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आज के कार्यशाला में कृषि विभाग की ओर से संचालित क़ृषि अवसंरचना कोष तथा झारखण्ड राज्य क़ृषि ऋण माफ़ी योजना के बारे में किसानों तथा पदाधिकारियों को विस्तार पूर्वक जानकारी उपलब्ध कराया गया है ताकि इसका उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित कराते हुए अन्य योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराया जा सके।





क़ृषि निदेशालय, झारखण्ड सरकार, रांची से विशेष रूप से आये परियोजना प्रबंधन इकाई के टीम लीडर प्रभाष चंद्र दुबे ने क़ृषि विभाग की ओर से संचालित क़ृषि अवसंरचना कोष तथा झारखण्ड राज्य क़ृषि ऋण माफ़ी योजना के बारे में किसानों तथा पदाधिकारियों को विस्तार पूर्वक जानकारी दी और कहा कि एआईएफ योजना का लाभ लेने में गिरिडीह जिला झारखण्ड में नंबर वन पर है। अभी तक जिले के 80 किसानों ने योजना का लाभ लेकर अपना बिज़नस शुरू कर दिया है। किसानों तथा किसान प्रतिनिधियों ने आगे भी जिले को पहले स्थान पर ही रखने की बात कही।





मुख्य अतिथि मुनिया कुमारी ने पूरे झारखंड में गिरिडीह जिले के किसानों तथा क़ृषि से संबंधित व्यवसाय से जुड़े लोगों स्वयं सहायता समूहों को भी इस योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस योजना का व्यापक जागरुकता अभियान चलाकर जिले के सभी प्रमुख कृषि उद्यमियों तथा कृषि कार्य से जुड़े लोगों को लाभ देने का प्रयास किया जाएगा। जिला प्रशासन के द्वारा जिले के अधिक से अधिक किसानों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा।





उप विकास आयुक्त ने उद्यमियों को कोल्ड स्टोरेज लगाने और खाद्य प्रसंस्करण आदि इकाइयों को लगाने का आहवाहन किया। कार्यशाला के माध्यम से क़ृषि निदेशालय से आये प्रभाष चंद्र दुबे ने किसानों को बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए उन्हें अपना सिविल स्कोर ठीक करना होगा, ताकि उनको बड़ा लोन मिल सके और गरीब किसान भी अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सके। उन्होंने कहा कि कुछ बड़े चीज करने की सोच रखे और उसके लिए मेहनत कर आगे बढ़ें। आजीविका का स्रोत बढ़ाने के लिए कार्य करें। आयोजन कृषि निदेशालय रांची ने किया।





संचालन परियोजना प्रबंधन इकाई रांची के प्रभाष चंद्र दुबे ने किया। इसमें बताया गया कि कृषि अवसंरचना कोष के जरिए किसानों और कृषि क्षेत्र के उद्यमियों के लिए एक लाख करोड़ रुपए की राशि का आबंटन किया गया है, जिसमें झारखंड को 1445 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है।