उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्राइमरी स्कूलों के पांच हजार बच्चे कोरोना काल में गायब हो गए हैं।इन बच्चों को बेसिक शिक्षा विभाग ने आउट ऑफ स्कूल बच्चों के रूप में चिन्हित किया था। लेकिन अब ये बच्चे खोजने पर भी नहीं मिल रहे हैं।इन बच्चों को खोजने तथा इनका विवरण उपलब्ध कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के शिक्षकों को लगा दिया है।इस साल कोरोना से पहले लखनऊ में कुल 8,445 बच्चे आउट ऑफ स्कूल चिन्हित किए गए थे। इन बच्चों का विवरण तैयार करा कर बेसिक शिक्षा निदेशालय भेजा गया था। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से इन बच्चों का विस्तृत सर्वे कराया जा रहा है। इनका ऑनलाइन विवरण फीड किया जा रहा है। ताकि इन बच्चों को स्कूलों में दाखिला करा कर इनकी पढ़ाई जारी रखी जाए और इन्हें सरकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सके। लेकिन अब यह बच्चे मिल ही नहीं पा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इनमें से तमाम बच्चे अपने परिजनों के साथ इधर उधर चले गए हैं। इसी कारण से वह नहीं मिल पा रहे हैं। कुछ दूसरे शहरों में चले गए हैं। जिन 8,445 बच्चों को चिन्हित किया गया था उनमें से 22 जुलाई तक केवल 3,170 बच्चे ही शिक्षक तलाश पाए हैं। बच्चों का शत-प्रतिशत स्कूलों में दाखिला कराया जाना है। अभी भी बेसिक शिक्षा निदेशालय व महानिदेशक कार्यालय ने अपनी हिम्मत नहीं हारी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी को बच्चों की तलाश कर उनका पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। कोरोना अवधि से पहले जब आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिन्हित किया गया था तब उनके अभिभावकों के मोबाइल नंबर और पते भी लिए गए थे। लेकिन अब संबंधित पते पर बच्चे नहीं हैं। जिसकी वजह से शिक्षक ऑनलाइन इनका पूरा ब्यौरा नहीं भर पा रहे हैं। कुछ के मोबाइल नंबर बंद है तो कुछ के नंबर बदल गए हैं। इस वजह से भी दिक्कतें आ रही हैं।
कोरोना काल में गायब हो गए प्राइमरी स्कूलों के पांच हजार बच्चे
कोरोना काल में गायब हो गए प्राइमरी स्कूलों के पांच हजार बच्चे
sanjay kumar📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश

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