वरीय संवाददाता,रांची। एशियन स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के संस्थापक विश्वजीत पटनायक ने सोमवार को रांची प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संस्थान के विषय एवं पाठ्यक्रम के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में हुए परिवर्तनों के अनुसार उनके विश्वविद्यालय में भी कई प्रकार के आधुनिक परिवर्तन किए गए हैं। शिक्षा और प्रबंध के क्षेत्र में नए विचारों का अनुप्रयोग किया गया है,जिससे छात्रों को कई प्रकार का लाभ प्राप्त हो रहा है।उन्होंने अपने विश्वविद्यालय में पढ़ाए जाने वाले कुछ पाठ्यक्रमों के बारे में बताते हुए कहा कि शिक्षा जगत में इस प्रकार का प्रयोग पहली बार हो रहा है। उन्होंने बताया कि हमारे यहां लिबरल आर्ट्स की पढ़ाई भी हो रही है जो अपने आप में विशिष्ट है। उन्होंने कहा कि उनके यहां लॉ की पढ़ाई भी होती है। उनका विश्वविद्यालय बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त है।





उन्होंने बताया कि भारत में पहली बार एमएसएमई प्रबंधन में भारत सरकार के सहयोग के साथ एमबीए की पढ़ाई हो रही है। मानव संसाधन विकास में मास्टर डिग्री दी जा रही है। व्यवहारिक मनोविज्ञान में भी मास्टर की डिग्री दी जा रही है।एशियन स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में फिनिशिंग स्कूल की अवधारणा अपने आप में विशिष्ट तथा अनोखी है। इसके अंतर्गत व्यक्तित्व के विकास के लिए कई प्रकार की शिक्षाएं दी जाती हैं। व्यक्ति के अंदर छिपे हुए गुणों को बाहर लाने का प्रयत्न किया जाता है और एक परिपूर्ण व्यक्तित्व बनाने के लिए कई प्रकार के प्रक्षिक्षण दिए जा रहे हैं।इस अवसर पर फाल्गु नीरंजाना भी उपस्थित थीं।