उत्तर प्रदेश के बड़के जिले प्रतापगढ़ में एक मामला सामने आया है जहाँ सालों तक देश की सेवा करने वाले और जंग के मैदान में युद्ध लड़ने वाले मेडल भी मिला लेकिन अब ये योध्दा को घर से निकलने के लिए रास्ते के लिए संघर्ष कर रहा है।
मामला जिले के बिहार ब्लॉक के शेषपुर चौरास गांव का जहां पर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त दशरथ लाल शुक्ल का घर है।दशरथ लाल के घर के पीछे एक रास्ता निकला हुआ है।इस रास्ते को चकबंदी के समय सकरा कर दिया गया।इस सकरे रास्ते के अगल -बगल खेत हैं इनमें बाड़ लगा रखी है।खेतों में बाड़ लगी होने के कारण दशरथ लाल को अपने घर से आने जाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
दशरथ लाल शुक्ल ने कई जगह प्रार्थना पत्र भी भेज,मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
हाल ही में पंचायत चुनाव सम्पन्न हुए, आगामी 2022 में विधानसभा का भी चुनाव है ऐसे पता नहीं कितने चुनाव हुए सरकारें बनी लेकिन देश के एक सच्चे सिपाही को आज तक रास्ता नहीं मिल पाया मिला तो सिर्फ़ आश्वाशन और झूठा दिलासा।
ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सैनिकों के योगदान को सरकारें सिर्फ़ चुनावी मुद्दा ही बनाती रहेंगी या इनके बेहतरी के लिए भी कुछ इंतजाम करेंगी।
घर से निकलने के लिए रास्ते के लिए संघर्ष कर रहा रिटायर्ड फौजी
घर से निकलने के लिए रास्ते के लिए संघर्ष कर रहा रिटायर्ड फौजी
sanjay kumar📍 अन्य, उत्तर प्रदेश

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