रांची।देश का बहुचर्चित अरबों रूपये के चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले में रांची की सीबीआई की विशेष अदालत में सीबीआई की तरफ से बहस पूरी हो गयी है।डोरंडा कोषागार से 139.35करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़े आरसी 47 ए/96 के इस मामले में 27 आरोपियों की गवाही के आधार पर कल 9 अगस्त से बचाव पक्ष बहस करेगा।

चारा घोटाले में डोरंडा कोषागार से 1990 से 1995 के बीच 139.35 करोड़ रुपये अवैध निकासी से जुड़े इस मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 575 गवाह के बयान पर आधार पर बहस पूरी की।इस मामले में अभियोजन की ओर से 15 ट्रंक में रखे दस्तावेज का उल्लेख करते हुए बहस की गयी। सीबीआई ने अदालत को बताया कि इस मामले में अवैध निकासी फर्जी आवंटन, फर्जी आपूर्ति पत्र और विपत्र से की गयी। इसमें पशु, चारा, दवा और उपकरणों की बिना आपूर्ति किए ही राशि की निकाली गयी। इस मामले में गवाहों ने बताया कि पशु ढुलाई के लिए बाइक, ऑटो और जीप का प्रयोग किया गया। यह बातें देशभर में इस मामले में गवाही के लिए आये 150 डीटीओ की गवाही में सामने आयी है। घोटाले में यह बात भी सामने आयी कि पशुपालन विभाग की बजट से 229 प्रतिशत निकाली गयी थी। इसमे अवैध रूप से राशि निकालने में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री लालू प्रसाद, तत्कालीन पशुपालन मंत्री, पशुपालन विभाग के क्षेत्रीय पशुपालन अधिकारी और अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के सहयोग से अंजाम दिया गया।

इस मामले में लालू प्रसाद समेत 170 आरोपी थे, जिसमें सुनवाई के दौरान कुछ की मृत्यु हो गयी और अभी 110 आरोपी ट्रायल फेस रहे है। मामले में पांच आरोपी अभी फरार है,तो वही कुछ ने अपना दोष स्वीकार कर लिया है। मामले में प्रमुख आरोपियों में लालू प्रसाद के अलावा तत्कालीन लोक लेखा समिति के सभापति जगदीश शर्मा, धु्रव भगत और विधायक आरके राणा के अलावा वित्त और पशुपालन विभाग के कई अधिकारी तथा आपूर्तिकर्ता शामिल है।