रांची ।शुक्रवार को धनबाद के जज उत्तम आनंद के मौत की जांच कर रही सीबीआई ने हाईकोर्ट में जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंप दी है।सीबीआई की तरफ से बताया गया कि जज की मौत ऑटो के टक्कर लगने से ही हुई है।अन्य बिंदुओं पर जांच पड़ताल जारी है।इस पर चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने कहा कि रिपोर्ट में जज के खिलाफ कोई साजिश या टक्कर मारने के उद्देश्य का जिक्र नहीं है।
सीबीआई को इन बिंदुओं पर भी जांच करके रिपोर्ट देनी चाहिए।अदालत ने इस मामले के दोनों आरोपियों को पूरी सुरक्षा देने के लिए भी कहा है।अदालत ने कहा कि हमें अंदेशा है कि अगर इस मामले में कोई बड़ी साजिश है, तो आरोपियों के ऊपर हमला भी हो सकता है। अदालत ने नार्को टेस्ट के बाद दोनों आरोपियों को ट्रेन से न ले जाने बजाय विमान से लाने-ले जाने का सुझाव दिया।
जज की मौत के मामले की सुनवाई के वक्त राज्य के गृह सचिव और एफएसएल निदेशक भी हाजिर थे। गृह सचिव ने अदालत को बताया कि एफएसएल में जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। अब किसी भी प्रकार की जांच के लिए सैंपल दूसरे राज्य भेजने की जरूरत नहीं होगी।
हाईकोर्ट ने एफएसएल निदेशक से कहा कि जब राज्य में एक ही लैब है तो इसमें सभी तरह की जांच की सुविधा होना जरूरी है।हाईकोर्ट ने निदेशक को अगली तारीख को यह बताने के लिए भी कहा कि लैब में कितने पद खाली हैं और क्या-क्या नई जांच की सुविधा की जरूरत है और इस पर विस्तृत रिपोर्ट के साथ गृह सचिव और निदेशक को अगली तारीख को भी कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया।
आपको बता दें कि 29 जुलाई को धनबाद के जज उत्तम आनंद की मौत मॉर्निंग वॉक करते समय ऑटो की टक्कर से हो गई थी।ऑटो ने पीछे से टक्कर मारकर फरार हो गया था। ऑटो में दो लोग थे। इस मामले पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। झारखंड सरकार ने इस जज की मौत के मामले की सीबीआई जांच के लिए सिफारिश की थी।इसके बाद सीबीआई इसकी जांच कर रही है और हाईकोर्ट इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है।हर सप्ताह सीबीआई को जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए निर्देश दिया गया है।





