जयपुर:

राजधानी जयपुर में जयपुर नगर निगम और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ आयोजित कांग्रेस की 'हिसाब मांगो रैली' सोमवार को अचानक हिंसक विरोध-प्रदर्शन में बदल गई। नगर निगम मुख्यालय का घेराव करने पहुंचे सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछारों) का इस्तेमाल किया।

बैरिकेड्स पर चढ़े खाचरियावास, पुलिस से तीखी नोकझोंक

रैली जैसे ही नगर निगम परिसर की ओर बढ़ी, पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास खुद कार्यकर्ताओं के साथ बैरिकेड्स पर चढ़ गए।

सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए खाचरियावास ने कहा, "पुलिस कितनी भी लगा लो, बैरिकेड्स लगा लो, लेकिन जनता की आवाज नहीं दबा सकते। जनता के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगी।"

"पृथ्वीराज नगर में मकान टूटा तो बंद करेंगे सीएम का रास्ता"

प्रदर्शन के दौरान खाचरियावास ने पृथ्वीराज नगर क्षेत्र में प्रस्तावित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भजनलाल शर्मा सरकार को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा, "अगर पृथ्वीराज नगर में एक भी गरीब का मकान तोड़ा गया, तो हम मुख्यमंत्री को सिविल लाइंस स्थित उनके सरकारी आवास से बाहर नहीं निकलने देंगे।"

नगर निगम की विफलताओं पर चौतरफा घेराबंदी

कांग्रेस ने इस रैली के माध्यम से शहर की बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार तथा नगर निगम प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया:

  • मूलभूत सुविधाओं का अभाव: सड़कों की बदहाली, ठप पड़ी सफाई व्यवस्था, सीवरेज ओवरफ्लो, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें और बेकाबू अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर जमकर हंगामा हुआ।
  • कर वसूली और कुप्रबंधन: कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आम जनता से भारी-भरकम टैक्स वसूलने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रही हैं।

निकाय चुनाव से पहले बड़ा शक्ति प्रदर्शन

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस का यह प्रदर्शन एक सोचे-समझे शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा है। जयपुर की सड़कों पर कार्यकर्ताओं का भारी जमावड़ा और पूर्व मंत्री खाचरियावास के आक्रामक बयानों ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस स्थानीय जनसमस्याओं को आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाने के मूड में है।