रांची।झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को विधानसभा मानसून सत्र के चौथे दिन विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच कहा कि उनकी सरकार पिछड़ों को आरक्षण देने के पक्ष में है। सरकार जल्द ही स्थानीय और नियोजन नीति लाकर विपक्ष की बोलती बंद करेगी। सीएम सोरेन ने कहा कि इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश में जातीय जनगणना का प्रस्ताव पारित करने के लिए सर्वदलीय बैठक के लिए हमने समय मांगा है। सीएम सोरेन ने इस बैठक में शामिल होने के लिए विपक्षी दल भाजपा के सदस्यों को भी आमंत्रित किया। नियोजन नीति के विरोध और नमाज कक्ष के मसले पर बुधवार को विपक्ष का सदन में जोरदार हंगामा चला। सत्ता पक्ष के विधायकों ने सीपी सिंह से मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर दिए उनके बयान पर माफी मांगने के लिए वेल में पहुंचकर नारेबाजी की। दूसरी पाली में तीन अहम विधेयक झारखंड नगरपालिका संशोधन विधेयक 2021, झारखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2021 और झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक 2021 को विधानसभा से पारित किया गया। सीएम सोरेन ने कहा कि सरकार बहुत जल्द नियोजन नीति और स्थानीय नीति लाएगी और तब विपक्ष के पास बोलने के लिए मौका नहीं रह जाएगा। सीएम सोरेन ने कहा कि विपक्ष ने सत्ता में रहते हुए किसी भी स्तर पर गरीब, कमजोर, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए कोई काम नहीं किया। इन वर्गों के लिए पिछले 20 सालों से राज्य में नियम कानून नहीं बनाया गया। पिछली पूर्ण बहुमत की सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में कोई काम नहीं किया। इस लिए सदन में वह जमीन पर बैठे नजर आ रहे हैं। जनसंख्या के आधार पर आरक्षण के मुद्दे पर पिछली सरकार ने कोई काम नहीं किया। इस कारण कुर्सी मिलने के बाद भी उन्हें कुर्सी पर चढ़ना या जमीन पर बैठना पड़ रहा है। सीएम सोरेन ने कहा कि देश में आरक्षण की मांग दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। हर जाति संख्या के आधार पर आरक्षण की मांग करती है, लेकिन वर्तमान में राज्य सरकार की ओर से केंद्र को कोई प्रस्ताव नहीं गया है।इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मेल भेजकर उनके साथ सर्वदलीय बैठक के लिए 12 से 20 सितंबर के दौरान मुलाकात का समय मांगा है। ताकि ओबीसी को आरक्षण के लिए केंद्र सरकार से प्रस्ताव पारित कराने के लिए प्रस्ताव दिया जा सके। सीएम सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के मूलवासी आदिवासियों को रोजगार में शामिल करने के लिए कटिबद्ध है और यही कारण है कि पक्ष और विपक्ष के सदस्यों की प्रवर समिति की रिपोर्ट सदन पटल पर रखी गई है। इससे स्पष्ट है कि सरकार पूरी तरह से स्थानीय को रोजगार देने के लिए कटिबद्ध है। सीएम सोरेन ने कहा कि सरकार पिछड़ों को आरक्षण देने के पक्ष में है और वह समझते हैं कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की इस मसले पर सर्वसम्मति है। इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाना चाहिए। सीएम सोरेन ने कहा कि सदन को देश और राज्य के विभिन्न वर्गों के ऊपर नए-नए प्रयोगों पर भी नजर रखनी चाहिए और इस पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए। पिछड़ों को आरक्षण के मुद्दे पर सर्वसम्मति से केंद्र को प्रस्ताव भेजने के लिए सरकार तैयार है। सीएम सोरेन का जवाब विधायक प्रदीप यादव की तरफ से पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग, गिरिडीह से जेएमएम विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की तरफ से जातीय जनगणना पर प्रस्ताव लाने, आजसू विधायक सुदेश महतो, विधायक बंधु तिर्की और हटिया से भाजपा विधायक नवीन जयसवाल की तरफ से स्थानीयता को परिभाषित करने की मांग पर आया। इस दौरान सदन में विपक्षी दल भाजपा नियोजन नीति वापस लेने की मांग पर बार-बार हंगामा करते रहे। सीएम सोरेन ने कहा कि पिछले लगभग एक साल से देश के किसान सड़क पर भटक रहे हैं। नए कृषि कानून के विरोध में भी एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाना चाहिए।जहां तक नियोजन नीति और स्थानीय नीति का सवाल है तो बहुत जल्द सरकार नियोजन नीति और स्थानीय नीति पर लेकर आएगी। तब विपक्ष को बोलने का मौका नहीं मिलेगा। क्योंकि, विपक्ष ने अपना वक्त खो दिया। इस समय भाजपा विपक्ष में बैठी है और अगली बार इनको सदन के बाहर बैठना पड़ेगा।स्थानीयता 1932 के आधार पर होगी या 36 यह भी स्पष्ट हो जाएगा। सीएम सोरेन ने देवघर विधायक नारायण दास के अनसन से लौट कर बैद्यनाथ और बासुकीनाथ मंदिर खोलने की माग पर कहा कि मंदिर, मस्जिद, स्कूल तमाम प्रतिष्ठान क्यों बंद हुए, लोगों को क्यों घरों में बंद रहना पड़ा। इसके बारे में बताने की जरूरत नहीं है। वैश्विक महामारी नए-नए वैरीएंट लेकर सामने आ रही है। सीएम सोरेन ने कहा कि सरकार की तरफ से जीवन सामान्य करने की प्रक्रिया जारी है। इस कारण स्कूल खोलने के साथ राज्य में कई तरह की छूट दी गई है। यहां तक कि सरकार ने जब सब कुछ बंद था तब लोग भूख से ना मरे इसके लिए रोजगार के अलावा पका हुआ भोजन लोगों को उपलब्ध कराया। तभी विपक्ष से अमर बाउरी ने इसे झूठ कहा तब सीएम सोरेन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी करतूत ऐसी है कि उनके शासन काल में राशन कार्ड लिए लोग भूख से मर गए। सीएम सोरेन ने कहा कि बहुत जल्द आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में मंदिर एवं अन्य पाबंदियों में सशर्त छूट पर निर्णय लिया जाएगा और उन्हें पंडा वर्ग की चिंता है।उनकी भगवान पर आस्था है।सीएम सोरेन ने देवघर विधायक नारायण दास से कहा कि वह इस मसले पर अपनी जान देने की कोशिश न करें। राज्य सरकार को सभी वर्गों की फिक्र है। आपको बता दें कि जातीय आधारित जनगणना को लेकर प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मिलेगा। जातिगत जनगणना को लेकर सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से जल्द ही मुलाकात करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में कुल 9 सदस्य होंगे और प्रधानमंत्री से मुलाकात कर एक मांग पत्र सौंपा जाएगा। इस संबंध में सीएम सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुलाकात के लिए समय देने का अनुरोध किया है।
जल्द नियोजन और स्थानीय नीति लाकर विपक्ष की बोलती करेंगे बंद,पीएम से मिलने का मांगा समय:हेमंत सोरेन
जल्द नियोजन और स्थानीय नीति लाकर विपक्ष की बोलती करेंगे बंद,पीएम से मिलने का मांगा समय:हेमंत सोरेन <Br/> <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

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