वरीय संवाददाता,रांची। घरेलू व्यापारियों को समर्थन देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति और दुर्घटना बीमा की योजना लाये जाने के प्रस्ताव पर प्रसन्नता जताते हुए जेसीपीडीए ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के प्रति आभार जताया।





जेसीपीडीए के अध्यक्ष संजय अखौरी ने कहा कि खुदरा व्यापार अर्थव्यवस्था का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है,जिसके पास अब तक कोई नीति नहीं है। खुदरा व्यापार नीति निश्चित रूप से क्षेत्र को अपने व्यवसाय को व्यापक बनाने में मदद करेगी, क्योंकि इसमें निश्चित पैरामीटर और बुनियादी सिद्धांत होंगे। हमें उम्मीद है कि प्रस्तावित नीति के तहत एक केंद्रीकृत और कम्पयूटरीकृत निरीक्षण प्रबंधन प्रणाली के अलावा व्यापारियों के लिए सिंगल विंडो तंत्र विकसित किया जायेगा।





वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए जेसीपीडीए ने पत्राचार के माध्यम से पुनः खुदरा एवं थोक व्यापारियों को एमएसएमई की योजनाओं का लाभ मिलने में हो रही कठिनाइयों से अवगत कराया। यह कहा गया कि मंत्रालय को जल्द ही इसकी समीक्षा करनी चाहिए। जेसीपीडीए द्वारा प्रेषित पत्र में पुराने कानूनों जिनका वर्तमान में कोई औचित्य नहीं है।रिव्यू करने और उन्हें समाप्त करने की मांग भी की गई। यह कहा गया कि ऐसे प्रयास से छोटे छोटे व्यापारी अपने आपको देश की मुख्यधारा से जुडा़ हुआ महसूस करेंगे और देश के आर्थिक विकास में भी अपना योगदान बढा सकेंगे। उक्त जानकारी संजय अखौरी अध्यक्ष, जेसीपीडीए ने दी।