झारखंड अनुबंधित पारा चिकित्साकर्मी संघ के बैनर तले चिकित्सा कर्मियों ने किया स्वास्थ्य मंत्री का घेराव





स्वास्थ्य मंत्री के घर से 500 मीटर की दूरी पर पुलिस ने चिकित्सा कर्मियों को रोका





ढाई घंटे बाद मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, सड़क पर बैठकर की वार्ता, दिया आश्वासन





प्रतिनिधि,जमशेदपुर।झारखंड अनुबंधित पारा चिकित्साकर्मी संघ के बैनर तले रविवार पहले से तय कार्यक्रम के तहत कदमा बाजार स्थित सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आवास का दर्जनों की संख्या में महिला और पुरुष चिकित्सा कर्मियों ने घेराव किया। इस दौरान पुलिस बल ने स्वास्थ्य मंत्री के आवास से 500 मीटर की दूरी पर बैरीकेटिंग कर चिकित्सा कर्मियों को रुकने पर मजबूर कर दिया। वहीं मौके पर आंदोलन कर रहे चिकित्सा कर्मी स्वास्थ्य मंत्री मुर्दाबाद, मुख्यमंत्री मुर्दाबाद समेत कोरोना काल को याद करो के नारे लगा रहे थे। इस दौरान महिला चिकित्सा कर्मी जोरदार आंदोलन करते दिखे।





इस दौरान डीएसपी टू सह प्रभारी ट्रैफिक डीएसपी कमल किशोर ने मोर्चा संभाल रखा था। साथ ही मौके पर कदमा थाना, क्यूआरटी के साथ साथ ट्रैफिक पुलिस भी मौजूद थी। साथ ही कदमा बाजार मेन रोड पर प्रदर्शन होने के कारण ट्रैफिक को डाइवर्ट भी कर दिया गया था। पूरे जिले में अनुबंध पर कार्यरत चिकित्सा कर्मी नियमितीकरण की मांग को लेकर लगातार 5 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान चिकित्सा कर्मियों ने यह साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाएगी तब तक वे सभी काम पर वापस नहीं लौटेंगे। जिससे ऐसा लग रहा है कि चिकित्सा कर्मियों ने आर पार की लड़ाई की शुरुआत कर दी है। वहीं चिकित्सा कर्मियों द्वारा आंदोलन करने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई है।





मौके पर अखिल भारतीय कर्मचारी महासंघ की उपाध्यक्ष निर्मला ठाकुर ने कहा कि विगत 16 वर्षों से चिकित्सा कर्मी अनुबंध पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान भी चिकित्सा कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डाल लोगों की सेवा की है। उस वक्त उन्हें आश्वासन दिया था कि सभी को नियमित किया जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से बार-बार उन्हें नियमित करने का सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। जो झूठे वादे की तरह लगता है। राज्य में किसी भी पार्टी की सरकार हो, सभी ने चिकित्सा कर्मियों को सिर्फ ठगने का काम किया है। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक उन्हें नियमित नहीं किया जाएगा, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।





चिकित्सा कर्मियों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान लगभग ढाई घंटे बाद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता मौके पर पहुंचे। इस दौरान वे चिकित्सा कर्मियों के साथ सड़क पर बैठकर ही वार्ता करने लगे। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि 7 फरवरी को वे उनकी मांगों को लेकर वार्ता करने जा रहे हैं। मगर तब तक चिकित्सा कर्मी धैर्य बनाए रखें। वे हर हाल में उनकी मांगों को पूरा करेंगे। मगर उन्हें समय चाहिए। मगर मौके पर मौजूद चिकित्सा कर्मी उनकी एक भी बात मानने को तैयार नहीं थे और सभी नियमितीकरण की मांग को लेकर अड़े हुए थे। जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री वहां से वापस चले गए। जिसके थोड़ी देर बाद चिकित्सा कर्मियों ने भी अपना प्रदर्शन समाप्त करते हुए आगे की रणनीति बनाने की बात कही।