रांची। रिम्स में हुई रैंगिंग की घटना की घटना को लेकर रिम्स प्रबंधन ने जांच के लिए आठ सदस्यीय कमेटी गठित की है।ये कमेटी डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ हीरेन बिरुआ की अध्यक्षता में बनायी गई है।रैगिंग की घटना को लेकर रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित हॉस्टल के सुपरिटेंडेंट और अन्य लोगों को बुलाकर जानकारी ली गई है।जानकारी के बाद कमेटी का गठन किया गया है।कमेटी को 24 घंटे में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। डॉ विवेक कश्यप ने कहा कि हॉस्टल में मादक पदार्थों का सेवन प्रतिबंधित है। जांच के बाद मामला पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगा। जांच कमेटी में डॉ हीरेन बिरुआ के अलावा चिकित्सा उपाधीक्षक डॉ शैलेश कुमार त्रिपाठी, डेंटल के डीन डॉ एनएन सिंह, रिम्स के विजिलेंस ऑफिसर डॉ हैदर अली और हॉस्टल नंबर दो, तीन, चार और सात के वार्डन शामिल हैं। आपको बता दें कि शनिवार और रविवार को 2019 बैच के छात्रों और पीजी सीनियर्स के बीच 2020 बैच के छात्रों की रैगिंग को लेकर झड़प हुई थी। पीजी सीनियर्स रैगिंग करने और शोर-शराबा करने से मना कर रहे थे। जिसके बाद 2019 बैच और पीजी सीनियर्स के बीच नोकझोंक हुई थी। इसी को लेकर रविवार को 2019 बैच के छात्र पीजी सीनियर्स से शनिवार की घटना को लेकर माफी मांगने की मांग कर रहे थे, जिसके बाद मारपीटी भी हुई थी और बरियातू थाना के हस्तक्षेप के बाद मामले को शांत कराया गया था। पूरी घटना के बाद रिम्स के स्टूडेंट्स डीन ने इंवेस्टिगेशन भी किया था, जिसके बाद सोमवार को अधीक्षक से मिलकर जांच कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया।





