रांची।झारखंड विधानसभा भवन में नमाज अदा करने के लिए कमरा अलाॅट किए जाने को लेकर सियासत तेज हो गयी है।भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने स्पीकर रबींद्र नाथ महतो को पत्र लिख कर झारखंड विधानसभा भवन में नमाज अदा करने के लिए विशेष कक्ष अलॉट किए जाने का असंवैधानिक बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है।बिरंची नारायण ने कहा अगर आवंटन निरस्त नहीं किया गया तो इसे पहली नजर में तुष्टिकरण का निर्णय मानते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। आपको बता दें कि नमाज अदा करने के लिए विधानसभा भवन में स्थान आवंटन को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें हुईं। इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी सिंह ने भी इसका विरोध किया है।तो वही सत्तापक्ष से झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने भाजपा पर समाज में सांप्रदायिकता फैलाने की राजनीति करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि भाजपा किसी की धार्मिक भावना को आहत करने की मंशा नहीं रखती है बल्कि पार्टी सर्वधर्म समभाव की पक्षधर है लेकिन लोकतांत्रिक प्रणाली में तुष्टीकरण की राजनीति का विरोध करती है।विधानसभा लोकतंत्र का वह मंदिर है, जिसे किसी धर्म या पंथ की परिधि में समेट कर नहीं रखा जा सकता। झारखंड विधानसभा में किसी वर्ग विशेष के लिए नमाज कक्ष का आवंटन किया जाना न केवल एक गलत परंपरा की शुरुआत है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विपरीत है। नमाज कक्ष का अवंटन निरस्त किया जाए नहीं तो भाजपा इसके विरोध में सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन करेगी। दूसरी तरफ भाजपा के वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह ने हेमंत सरकार और विधानसभा अध्यक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया है।सीपी सिंह ने कहा कि भाजपा किसी की इबादत का विरोध नहीं करती है, लेकिन एक समुदाय को केंद्रित करते हुए कक्ष आवंटन करना तुष्टीकरण की रजनीति को आगे बढ़ाना है।सीपी सिंह ने विधानसभा परिसर में बजरंग बली का एक मंदिर का निर्माण कराने की मांग की है। मंदिर नहीं बनने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा भाजपा पर समाज में साम्प्रदायिकता फैलाना चाहती है। प्रार्थना के लिए स्थल संसद से लेकर देश के हर विधानसभाओं में है। झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए प्रारंभ से स्थान आवंटित है। भारत के संविधान की मूल भावना में धर्मनिरपेक्षता है। सभी धर्म के लोगों को अपने तरह से अराधना की आजादी है। भाजपा समाज को धर्म के नाम पर बांटने से बाज आये। यदि, भाजपा को प्रार्थना के लिए जगह चाहिए तो वह विधानसभा अध्यक्ष से कहें, उनकी मांग मानी जाएगी। दूसरी तरफ भट्टाचार्य ने कहा कि मानसून सत्र के पहले दिन भाजपा ने दिवंगत आत्माओं के लिए शोक संदेश के दौरान जिस प्रकार शोर शराबा मचाया वह संसदीय गरिमा के विपरित था। ऐसा करने वाले भाजपा के नेताओं को माफी मांगनी चाहिए। माफी नहीं मांगने पर उनके खिलाफ स्पीकर से कार्रवाई करने की झामुमो ने मांग की है। झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड विधानसभा में नमाज अदा करने की परंपरा रही है। एकीकृत बिहार के समय से नमाज अदा होती रही है। वर्ष 2007 में पुरानी विधानसभा में कक्ष आवंटित था। नये भवन में विधानसभा स्थानांतरित होने के बाद मांग और परंपरा के आधार पर कक्ष आवंटित किया गया है।