प्रतिनिधि,जमशेदपुर।टाटानगर रेलवे स्टेशन में रेलवे द्वारा चार एस्केलेटर लगाने की योजना है। मगर इसकी देख-रेख और रख-रखाव की व्यवस्था रेलवे द्वारा ठीक से नहीं की जा रही है। वहीं एस्केलेटर खराब होने पर वह कई दिनों तक ऐसे ही पड़ा रहता है,जिसके बाद रेल अधिकारी पार्ट-पूर्जा नहीं मिलने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं दूसरी तरफ एस्केलेटर खराब होने से यात्रियों को भारी परेशानी होती है, जिसको लेकर यात्री रेल अधिकारियों पर ही अपना भड़ास निकालते हैं। जबकि टाटानगर रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन का दर्जा दिया गया है।
स्टेशन पर यात्रियों को परेशानी होने से वे मॉडल स्टेशन पर सवाल भी उठाते हैं।समय के साथ स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में काफी बढ़ोतरी की गई है। बावजूद इसके खराबी आने पर समय रहते निदान नहीं होने पर यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है। वहीं एक और दो नंबर प्लेटफार्म पर एस्केलेटर लगने के बाद अब रेलवे प्लेटफार्म नंबर तीन पर भी एस्केलेटर लगाने का काम शुरू कर चुका हैं,जिसके तहत सोमवार से यहां खुदाई का काम शुरू भी हो चुका है।संभावना व्यक्त की जा रही है कि जल्द ही एस्केलेटर का लाभ प्लेटफार्म नंबर तीन पर भी यात्रियों को मिलने लगेगा।
बताते चलें कि रेलवे ने चार सालों के अंदर 4 एस्केलेटर लगाने की योजना बनाई थी। मगर सभी कार्यों को धरातल पर नहीं उतारा गया है। जिसका कारण यह है कि जब एस्केलेटर में खराबी आती है तो रेल अधिकारी खराबी को दूर करने में ही अपना समय गवां देते हैं।





