प्रतिनिधि,बलियापुर। टिंकरहाट इनोवेशन फाउंडेशन (टीआईएफ) द्वारा डीएवी पब्लिक स्कूल सिंदरी (झारखंड) में टिंकरहाट इनोवेशन फाउंडेशन द्वारा आयोजित सप्त-दिवसीय बांस हस्तशिल्प कार्यशाला का गुरुवार को शुभारंभ आज किया गया। यह संस्था सतत विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित एक गैर-लाभकारी संगठन है। इस आयोजन का उद्देश्य पारंपरिक कला और शिल्प, पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों और पर्यावरणीय स्थिरता के बारे में छात्रों के बीच जागरूकता पैदा करना है ।
कार्यशाला का संचालन सुन्दर लाल महतो ( प्रोग्राम एसोसिएट एंड पार्टनर ) और महाली समुदाय के मुकेश कुमार महाली, सोनिया महाली, चांद मुन्नी देवी, मेनका देवी, शांति महाली, सुनीता महाली, काली महाली, शुक्कू महाली आदि आदिवासी बांस कारीगरों द्वारा किया गया था, जो गोंगाबाद गांव (बलियापुर) के रहने वाले हैं।
कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर डीएवी पब्लिक स्कूल सिंदरी के प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार ने कहा कि हमारे छात्रों को बांस हस्तकला और पर्यावरण की रक्षा के महत्व के बारे में जानने का अवसर देने के लिए टिंकरहाट इनोवेशन फाउंडेशन के आभारी हैं। हमारा विद्यालय हर प्रकार के सहयोग के लिए तत्पर है।
कार्यशाला में छात्रों को बांस हस्तकला और इसके विभिन्न अनुप्रयोगों के बारे में जानने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया गया । स्थानीय कारीगरों की भागीदारी ने छात्रों को क्षेत्र की पारंपरिक कला और शिल्प को देखने और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों का उपयोग करने के महत्व के बारे में ज्ञान प्राप्त करके बच्चें अपने आस-पास के लोगो को भी प्रशिक्षित करेंगे। बच्चें इस कार्यक्रम में खूब बढ़-चढ़ भाग ले रहें है। आयोजन एक बड़ी सफलता पारंपरिक कला और शिल्प को संरक्षित करने और पर्यावरण की रक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने की है।
टीआईएफ के प्रोजेक्ट एसोसिएट सुंदर लाल महतो ने इस कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए कहा,हमें डीएवी पब्लिक स्कूल सिंदरी के सहयोग से इस कार्यशाला का आयोजन करने की खुशी है। पारंपरिक कला और शिल्प के प्रति छात्रों के उत्साह को देखकर खुशी हुई और हम आशा करते हैं कि यह कार्यक्रम उन्हें स्थिरता और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगा।इस अवसर पर कार्यक्रम के समन्यवयक मुकेश कुमार तिवारी और प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कक्षा पांचवी से ग्यारहवीं कक्षा के छात्र और छात्राएं मौजूद थे।





