डॉ० एस राधाकृष्णन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय सुकरीगढ़ा, लारी, रामगढ़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति
2020 के तहत भाषाई विविधता को बढ़ावा एवं संरक्षण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन सत्र का किया गया आयोजन
प्रतिनिधि, रामगढ़।दिनांक 25.11.2023 दिन शनिवार को डॉ० एस राधाकृष्णन शिक्षक प्रशिक्षण के बहुउद्देशीय सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भाषाई विविधता को बढ़ावा एवं संरक्षण पर दो दिवसीय (24 एवं 25 नवंबर) राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन सत्र आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्य अतिथि डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह (D.S.W Proctor, Dean of Humanities VBU, Hazaribag), एवं जनआकांक्षा सोसाइटी के सचिव मणिकांत सिन्हा, महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रितेश कुमार, महाविद्यालयस प्रबंधन समिति के सचिव संजय कुमार प्रभाकर, महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सम्मानित सदस्य मनीष कुमार तथा सभी अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्जलित एवं डॉ. एस. राधाकृष्ण के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। सभी अतिथियों का स्वागत तिलक लगाकर एवं पौधा, मोमेन्टो एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिव कुमार राणा के द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. तनवीर युनुस (Prof. & H.O.D., M.Ed. VBU, Hazaribg) ने भाषा कि विविधता एवं महाविद्यालय शिक्षा का वातावरण तैयार करता है कि बाते कही। डॉ. संजय भुयांन (Prof. & Head Dept. of Edu. Jamshedpur women's Univesity, Jamshedpur) ने आज अपनी मातृभाषा विलुप्त होते जा रही है इसे संरक्षण की आवश्यकता है। डॉ. राजू ओझा (H.O.D., Faculty of Edu. Jamshepur Cooperative College, Kolhan University) ने नई शिक्षा नीति 2020 में 5+3+3+4 एवं मातृभाषा, क्षेत्रीय भाषाओं को समझने की बात कही। डॉ. निर्मल मंडल (Registrar, Radha Govind University, Ramgarh) ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 भारत में 1968 का रूपांतरित रूप है जिसमे क्षेत्रीय भाषा का समावेश किया गया है। डॉ. संजय कुमार (H.O.D. Department of Educaiton, J.J. College Jhumri Tilaiya, Koderma) ने कहा कि भाषा, मातृभाषा तथा क्षेत्रीय भाषा हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है। डॉ. वाली मोहम्म्द (Principal, Barasat College of Edu., Kolkata) ने कहा कि हम मां के दूध के साथ - साथ वाणी भी पीते हैं। मंच का संचालन सहायक प्राध्यापक नयन कुमार मिश्रा एवं व्याख्याता सुप्रिया बर्मन के द्वारा किया गया।
इस मौके पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक रंजू वंदना होरो, परवेज अखतर, डॉ. अशोक राम,सोनम सिन्हा,संजू उरांव, डी. एल. एड. के व्याख्याता मुरारी कुमार दूबे,बाबूचंद प्रसाद, राजेश महतो उपस्थित सदस्यों में उत्तम कुमार, मीना मुण्डा, मीरा कुमारी, प्रियंका, पार्वती, सुगापती मरांडी, बी.एड. एवं डी. एल. एड. के सभी प्रशिक्षु उपस्थित रहें। अंत में धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक परवेज अखतर के द्वारा किया गया।





