तमशीन जलप्रपात जहां प्रकृति के कण-कण में बिखरा है अनुपम सौंदर्य, स्थल के विकास को लेकर हुई बैठक





प्राकृतिक रूप से चतरा एक बहुत ही सुंदर व समृद्ध कान्हाचट्टी का तमाशीन जलप्रपात है





प्रतिनिधि,कान्हाचट्टी। कान्हाचट्टी अंचलाधिकारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में मुख्यालय से करीब एक 11 किलोमीटर दूर तमासिन जलप्रपात को सुंदरीकरण एवं प्रशासनिक सहयोग लेकर शनिवार को बैठक रखा गया,जिसमें हर साल के अपेक्षा इस वर्ष कुछ अलग देखने को मिलेगा।प्राकृतिक रूप से झारखंड एक बहुत ही सुंदर व समृद्ध राज्य है। यहां की प्राकृतिक छटा आपको बहुत ही सुखद अहसास कराएगी। पहाड़ों और झरनों का अनोखा मेल इस राज्य को बहुत ही खूबसूरत बनाता है। राज्य में ऐसे कई मनोरम स्थान हैं, आप पूरे परिवार के साथ आकर प्रकृति की सुंदर छटा में खो सकते हैं।





चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड क्षेत्र में ऐसा ही एक गुमनाम मनोरम स्थान है।कान्हाचट्टी में स्थित तमाशीन जलप्रपात में 20 से 30 फीट ऊपर से झरना गिरता है। मनोरम वादियों के बीच बसे स्वास्थ्यवर्धक उलुंग जलप्रपात को विकसित कर इसे बेहतर पर्यटक स्थल बनाया जा सकता है। झारखंड भारत के सबसे अविश्वसनीय हरित राज्यों में से एक है, जिसके कई वादियां अबतक अनदेखी हैं। ये राज्य प्रकृति और प्रचुर हरियाली का घर है, जो इसे हर प्रकृति उत्साही के लिए सुखद अहसास कराता है। हालांकि राज्य कुछ भव्य पहाड़ों और घने जंगलों का बसेरा है। प्रदेश के चतरा जिले में एक से बढ़ कर एक जलप्रपात व सुंदर मनोरम वादियां है, जो अभी भी गुमनामी के अंधेरे में है।





प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार प्रशासन की तरफ से जलप्रपातों सैलानियों को एक नया पर्यटन स्थान मिलेगा और स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा।