तिरंगे की शान
अर्पणा सिंह
कुछ नशा तिरंगे की आन का
कुछ नशा मातृभूमि के मान का
हम लहराएंगे हर जगह तिरंगे को
कुछ ऐसा ही नशा है हिंदुस्तान का
आज तिरंगा लहराता है अपनी पूरी शान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
आजादी के लिए हमारी लंबी चली लड़ाई थी
लाखों लोगों ने प्राणों से कीमत इसकी चुकाई थी
व्यापारी बनकर आए और छल से हम पर राज किया
हम को आपस में लड़वाने की नीति अपनायी थी
हमने अपना गौरव पाया कर्म और आत्मविश्वास से
दुश्मनों को धूल चटाई उन्हीं के मैदान में
गांधी,सुभाष,लक्ष्मीबाई का प्यारा यह देश है
हमें न तुम कमजोर समझो, देता यह संदेश है
लगी गूंजने चहूं दिशाएं वीरों के गुणगान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
हमें हमारी मातृभूमि से इतना मिला दुलार है
उसके आंचल की छाया में प्यारा भारत महान हैं
हम न कभी हिंसा के आगे अपना शीश झुकाएंगे
विश्व शांति की चली हवाएं प्यारे हिन्दोस्तान से
सच पूछो तो सारा विश्व अपना ही परिवार है
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से





