झारखंड के दुमका जिले के शिकारीपाड़ा क्षेत्र के एक गांव में 12 वर्षीय नाबालिग के साथ चार युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।मामला 11 अगस्त की रात का है।नाबालिग बच्ची के परिजनों ने आरोपियों को दंडित करने के लिए पंचायत भी बुलाई थी।पंचायत में मामला नहीं सुलझने से 20 अगस्त की रात नाबालिग बच्ची के पिता ने शिकारीपाड़ा थाने में चारों युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
एफआईआर दर्ज होने के साथ ही पुलिस ने चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों में दो नाबालिग है, जिसे रिमांड होम भेज दिया गया, जबकि दो आरोपी प्रवीण मुर्मू एवं विनोद हेंब्रम को केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। नाबालिग बच्ची के पिता ने बताया कि गांव से बाहर 1 अगस्त को पति पत्नी साथ में काम करने के लिए गए हुए थे।
गांव में उसकी बेटी दादी के साथ रह रही थी। इसी बीच 11 अगस्त की रात को प्रवीण मुर्मू, विनोद हेंब्रम सहित चार युवक उसके दरवाजे की कुंडी को धीरे से खोल कर घर के अंदर घुस गए। दादी के बगल में सो रही नाबालिग के मुंह को कपड़े से दबा दिया और घर के दूसरे कमरे ले जाकर उसके साथ चारों ने सामूहिक रूप से दुष्कर्म किया और जाते समय इसके बारे में किसी को नहीं बताने की धमकी दी कि उसके पिता, भाई सहित अन्य लोगों को जान मार देगा। धमकी के डर से नाबालिग बच्ची ने दूसरे दिन सारी अपनी दादी को बता दी। काम से लौटने के बाद माता-पिता को बताया गया। परिजनों ने आरोपी पर कार्रवाई के लिए पंचायत का भी सहारा लिया, मगर बात नहीं बनी।
करीब 9 दिन बाद नाबालिग बच्ची ने अपने परिजनों के साथ शिकारीपाड़ा थाना पहुंचकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई और चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चारों आरोपियों को 2 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी सुशील कुमार ने बताया पीड़िता के पिता के बयान पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।





