दिव्यांगजनों के लिए चलंत न्यायालय सह जागरुकता शिविर आयोजित
249 दिव्यांगजनो ने कराया अपना पंजीकरण,कइयों को मिले ट्राई साइकिल,वैशाखी व अन्य उपकरण
ब्यूरो प्रमुख,हज़ारीबाग।महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलंत न्यायालय सह जागरुकता शिविर का आयोजन राज्य निःशक्तता आयुक्त डॉ0 भुवनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय भवन परिसर में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में उपायुक्त नैंसी सहाय,डीडीसी प्रेरणा दीक्षित सहित 2020 एवं 2021 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के परीक्ष्यमान आईएएस मुख्य रुप से उपस्थित थे।
जिले के दिव्यांगजनों की समस्याओं की सुनवाई तथा समाधान के लिए चलन्त न्यायालय कार्यक्रम के माध्यम से बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों को योजना का लाभ दिया गया।
डा0 भुवनेश प्रताप सिंह, राज्य निःशक्तता आयुक्त, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने अपने संबोधन में बताया कि न्यायालय का उद्देश्य दिव्यांगजनो की समस्या का समाधान करना एवं सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाना है। राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जाती है लेकिन जागरुकता की कमी के कारण योग्य लाभुक इसका लाभ नहीं ले पाते इसलिए आज उन लाभुको के लिए चलंत न्यायालय का आयोजन किया गया है।वहीं उप विकास आयुक्त ने इस शिविर के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि दिव्यांग लोगों की सुविधा के लिए सरकार ने कई कदम उठाएं है। उनकी दिनचर्या को सुगम बनाने, स्वावलंबन के लिए प्रदत अधिकारों,लाभ प्राप्त करने के तरीकों के बारे में जागरूक करने हेतू आज हमसब एकत्रित हुए है। उन्होंने शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को इसका लाभ लेने की अपील की।
दिव्यांगजनों के लिए आयोजित चलन्त न्यायालय-सह- जागरूकता शिविर में 249 लाभुको ने अपना पंजीकरण कराया। शिविर में राज्य निःशक्तता आयुक्त के द्वारा अफरोज अंसारी पिता-फिरोज अंसारी एवं शैक्या कुमार पिता-चरक कुमार मेहता, घाघरा मेढ़कुरी, दारू को ट्राई साइकिल।संतोष करमाली, पिता-श्यामलाल करमाली चुरचू एवं राजेन्द्र तुरी पिता-प्रयाग तुरी, कपका, बरकट्ठा को वैशाखी का वितरण किया गया।
इस अवसर पर 50 शारीरिक रूप से दिव्यांग, 6 मानसिक, 22 इएनटी एवं 10 नेत्र से दिव्यांगों को दिव्यांग प्रमाण पत्र मेडिकल बोर्ड के द्वारा चिन्हित किया गया। दिव्यांगजनों के द्वारा राज्य निःशक्तता आयुक्त के समक्ष अपनी-अपनी समस्या को रखा, जिन्हें जांचोपरांत निराकरण करने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर 249 दिव्यांगजनों ने अपनी समस्याओं को लेकर पंजीयन कराया। दिव्यांगों की सुविधा के लिए परिसर में कुल-8 स्टॉल लगाये गये थे, जिसमें दिव्यांग पेंशन, यूडीआईडी कार्ड, मेडिकल बोर्ड, आधार कार्ड, दिव्यांग यंत्र/उपकरण, दिव्यांग छात्रवृति, पुछताछ केन्द्र एवं पंजीयन स्टॉल शामिल थे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, आरसीएच पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इन्दू प्रभा खलखो, समाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक निवेदिता, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, कार्यालय कर्मियों में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी संजय प्रसाद, लिपिक अभिषेक कुमार सिंह व अन्य उपस्थित थे।





