पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,रांची।संपूर्ण भारत क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विजय शंकर नायक ने कहा कि अगर धरती को बचाना है तो एकमात्र विकल्प वृक्ष को ज्यादा से ज्यादा संख्या में लगाना होगा। देश के नागरिक एक आंदोलन के रूप में लेते हुए पेड़ लगाने का काम करें। तब ही धरती को भीषण गर्मी से और जलवायु परिवर्तन को रोका जा सकता है।अगर हम अभी प्रकृति के द्वारा दिए जा रहे संदेश को नही समझते और नहीं चेतते हैं तो आने वाली पीढ़ी को इसके गंभीर परिणाम भुगतना होंगे। इसलिए हमारा भी कर्तव्य बनता है कि आने वाले पीढ़ी के लिए हम इतना वृक्ष लगाने का काम करें ताकि उन्हें गर्मी से बचाया जा सके और स्वच्छ जलवायु उनको मिल सके।





विजय शंकर नायक ने कहा कि सरकार की भी यह नैतिक जिम्मेवारी बनती है कि वे ऐसी विकास की नीति बनाएं, जिससे कि कम से कम पेड़ों का कटना सुनिश्चित हो और जितने पेड़ विकास के नाम पर काटे जाते हैं।क्षतिपूर्ति मुआवजा के नाम पर 10 गुना पेड़ लगाने का नियमावली बनाकर ही काम किया जाए। तभी हमारी धरती बच सकती है।





विजय शंकर नायक ने कहा कि विकास के नाम पर जंगल हजार एकड़ काटे जा रहे हैं। सड़क निर्माण के नाम पर, खनिज दोहन के नाम पर आज जो बेदर्दी से पेड़ों को काटा जा रहा है। उसका ही आज यह परिणाम है कि प्रकृति हमें संदेश देकर यह चेताना चाहती कि अभी भी आप चेतें अन्यथा प्रकृति कभी माफ नहीं करेगी। आने वाले पीढ़ी को इसकी सजा मिलेगी। विजय ने देशवासियों से अपील किया है कि वे राष्ट्रीय कर्तव्य समझ कर ही इस धरती को बचाने की दिशा में जल और जंगल की रक्षा करने का कार्य करें और एक आंदोलन के रूप में समस्त देशवासी एक-एक पेड़ लगाएं।