नक्सलियों का फरमान,गुमला, लोहरदगा के सीमावर्ती जंगलों में न घुसे ग्रामीण, लगाई इन चीजों पर भी रोक
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sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

झारखंड में भाकपा माओवादी के नक्सलियों ने ग्रामीणों को जंगल में घुसने और वनोत्पाद के उपयोग पर रोक लगा दी है और यहां तक की जानवरों को भी लेकर जंगल में नहीं घुसना है। नक्सलियों ने ये फरमान 15 दिन पहले गुमला के बिशुनपुर और लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड के सीमावर्ती गांव में जारी किया है।नक्सलियों के इस फरमान के बाद 15 दिनों से एक दर्जन से अधिक गांव के लोग जंगलों में नहीं घुस रहे हैं।ग्रामीण सिर्फ जंगल से गुजरने वाले रास्ते से आते जाते हैं।जंगल में पशु चराने, बीड़ी पत्ता तोड़ने, लकड़ी, दतुवन, पत्ता और बांस तोड़ने सहित अन्य वनोत्पाद के लिए जंगल में नहीं घुस रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक नक्सलियों अभी गुमला के बिशुनपुर के अलावा लोहरदगा के पेशरार और सेरेंगदाग थाने के सीमावर्ती गांवों से सटे जंगलों में है। पुलिस नक्सलियों के खिलाफ 15 दिनों से इस इलाके में ऑपरेशन चला रही है।कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ, गुमला औार लोहरदगा जिले की पुलिस लगातार नक्सलियों को खोज में लगी है।नक्सलियों ने अपनी सुरक्षा व पुलिस को नुकसान पहुंचाने के लिए गांव से सटे जंगलों में IED बम बिछा रखा है, ताकि सुरक्षा बल और पुलिस जंगल में घुसे, तो नक्सली उन्हें नुकसान पहुंचा सके।
गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड के कटिया, जमटी, जुड़वानी और कठठोकवा गांव के अलावा लोहरदगा के पेशरार प्रखंड स्थित दुंदरू, हेसाग, जुड़नी, चप्पाल सहित एक दर्जन से अधिक गांव से सटे जंगलों में नक्सलियों ने ग्रामीणों के घुसने पर रोक लगा रखी है।ग्रामीण डर के कारण कुछ बताने को तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि 15 दिन पहले नक्सलियों ने घूम-घूमकर गांव में बैठक कर ग्रामीणों को जंगल में जाने से मना किया है.
नक्सलियों ने चैनपुर व गुमला प्रखंड के करीब 50 गांवों में भी एक साल पहले ऐसा ही फरमान जारी किया था। यहां भी ग्रामीणों को जंगल में घुसने पर रोक लगा दी गई थी,लेकिन कुरूमगढ़ इलाके में सुरक्षा बलों ने जंगलों में घुसकर दर्जनों IED बम को निष्क्रिय किया था। इसके बाद कोचागानी जंगल में माओवादी के शीर्ष नेता 15 लाख के इनामी बुद्धेश्वरा उरांव को मुठभेड़ में मार गिराया था।पुलिस द्वारा कई जंगलों से IED बम को निष्क्रिय करने के बाद अब ग्रामीण जंगल में घुस रहे हैं।
जंगलों में IED बम बिछाये जाने के कारण अभी तक 6 ग्रामीण बम की चपेट में आकर मर चुके हैं। एक दर्जन ग्रामीण और दो पुलिस कर्मी घायल हो चुके हैं,तो वहीं दर्जनों जानवरों की मौत हो चुकी है।कुरूमगढ़ इलाके में करीब 8 माह तक लोग जंगलों में बिछे IED बम से परेशान रहे थे।
थाना प्रभारी बिशुनपुर सदानंद सिंह ने कह कि गुमला एसपी के निर्देश पर नक्सलियों के खिलाफ अभियान चल रहा है।नक्सलियों के गतिविधियों की जानकारी ली जा रही हैं।जहां IED बम लगाया गया है उसे खोजकर निष्क्रिय किया जा रहा है।जुड़वानी गांव में कैंप लगाकर नक्सलियों द्वारा ग्रामीणों को फरमान जारी किया गया है। पुलिस ग्रामीणों को बचाने में लगी हुई है।
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