झारखंड के गुमला, लोहरदगा और लातेहार जिले से सटे जंगलों को अपना सुरक्षित जोन बनाने के लिए नक्सलियों ने IED बम लगा रखा है,ताकि पुलिस जब नक्सलियों को खोजने के लिए जंगल में घुसे तो IED की चपेट में आकर पुलिस को नुकसान पहुंचे। नक्सलियों के इस IED बम की चपेट में आने से गांव के बेकसूर ग्रामीण मारे जा रहे हैं।

2021 की अगर बात की जाए तो अभी तक 5 ग्रामीण IED ब्लास्ट में मारे जा चुके हैं,तो वहीं एक दर्जन लोग घायल हैं। कुछ लोग बम से अपना पैर गंवाकर घर में दिव्यांग बने बैठे हैं,दर्जनों पशुओं की भी मौत हो चुकी है। गुमला में दो पुलिसकर्मी भी IED की चपेट में आकर घायल हो चुके हैं।कोबरा बटालियन का एक खोजी कुत्ता भी शहीद हो गया है। खोती कुत्ता कोबरा के जवानों को बचाने के लिए जंगल में बिछे IED बम में कूद गया था।

गुमला व लोहरदगा से सीमावर्ती दुंदरू जंगल में 14 दिसंबर को कोबरा बटालियन और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।उस समय नक्सली वहां से बच निकले थे।इसके बाद जंगल से भी सुरक्षा बल निकल गये थे। इसके बाद दोबारा इस इलाके में पुलिस नहीं घुसी। बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों को दुंदरू जंगल में घुसने से रोकने के लिए नक्सलियों ने जंगल में IED बम बिछा रखा था,लेकिन उस IED की चपेट में आने से बेकसूर ग्रामीण की मौत हो गयी।

23 जनवरी 2019 को गुमला व लोहरदगा से सटे दूधमटिया टांगीडीह जंगल में बारुदी सुरंग में पैर पड़ने से ग्रामीण मंगलेश्वर नगेशिया की मौत हो गयी थी और पत्नी सुगइन नागेशिया और पुत्र पुनीत नगेशिया घायल हुए थे। 24 घंटे बाद शव को जंगल से निकाला गया था।
14 जनवरी 2021 को बिशुनपुर व गारू थाना के बॉडर इलाके में पंडरा गांव के गोताक बंदर लेटा जंगल में IED विस्फोट होने से गोपखाड़ गांव की सांझो देवी की मौत हो गयी थी और एक महिला घायल हुई थी।पांच महिला बच गयी थी। 24 घंटे बाद शव को जंगल से निकाला गया था।
27 फरवरी 2021 को चैनपुर प्रखंड के मड़वा गांव से सटे जंगल में IED बम ब्लास्ट होने से गांव के किसान महेंद्र महतो का एक पैर उड़ गया।परिवार के लोगों ने घायल को जंगल से निकाला और अस्पताल में लाकर भर्ती कराया था।

14 जुलाई 2021 को केरागानी जंगल में IED ब्लास्ट में ग्रामीण रामदेव मुंडा की मौत हो गयी थी,जबकि दो ग्रामीण घायल हो गये थे। ये लोग पुलिस को रास्ता दिखाने का काम कर रहे थे।

19 अगस्त 2021 को बिशुनपुर थाना के जुड़वानी जंगल में IED ब्लास्ट में पशु चराने जंगल में घुसे किसान बुद्धेश्वर नगेसिया की मौत हो गयी।

23 दिसंबर 2021 को लोहरदगा जिला के दुंदरू चौपाल जंगल में IED ब्लास्ट में ग्रामीण सुपाल नगेसिया की मौत हो गयी। इसी जंगल में 14 दिसंबर को कोबरा बटालियन व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।

25 फरवरी 2021 को चैनपुर प्रखंड के कुरूमगढ़ थाना के रोरेद गांव के जंगल में भाकपा माओवादियों ने IED बम ब्लास्ट किया था।इस ब्लास्ट में सीआरपीएफ-218 बटालियन के जवान रॉबिन्स कुमार के दोनों पैर उड़ गये थे।

13 जुलाई 2021 को कुरूमगढ़ थाना के केरागानी जंगल में IED ब्लास्ट में जवान विश्वजीत कुंभकार घायल हो गया था, जबकि कोबरा बटालियन का खोजी कुत्ता शहीद हो गया था। यहां नक्सलियों से मुठभेड़ भी हुई थी।

चैनपुर प्रखंड के कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र से सटे जंगलों में अलग-अलग तारीखों को बारडीह पंचायत के केरागानी, कोचागानी, रोरेद, मरवा सहित आसपास के गांव में IED ब्लास्ट होने से दो दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो गयी थी और कई पशु घायल भी हुए हैं।इन जंगलों में नक्सलियों ने IED बिछा रखा था।नक्सलियों ने ग्रामीणों को पशुओं को जंगल ले जाने पर रोक लगा रखा था। कई पशु भोजन की तलाश में जंगल में घुसकर बम की चपेट में आकर मर चुके हैं।