पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,गिरिडीह।गिरिडीह संसदीय क्षेत्र में डुमरी विधानसभा के डुमरी प्रखंड एवं गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के पीरटांड़ प्रखंड की सीमा पर स्थित पारसनाथ पर्वत के तराई वाला इलाका कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाता था और लोग भयवश वोट नहीं करते थे।परंतु शनिवार इन सब क्षेत्रों की तस्वीर बदल गई है।महिला,पुरुष,युवा और युवती वोटर बेझिझक मतदान करने के लिए मतदान केंद्र में पहुंचे।
हालांकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण सभी क्षेत्रों में सीआरपीएफ एवं जिला पुलिस बल जगह-जगह मुस्तैद दिखे।कभी डुमरी के छछन्दों,जोभी एवं दलान चलकारी सहित अन्य गांव जो पारसनाथ पहाड़ की तलहटी पर अवस्थित है।यहां वोट करना तो दूर जाना दुर्लभ था,जिसका सीधा-सीधा फायदा नक्सलियों को मिलता था।परंतु आज इस क्षेत्र में सड़कों का निर्माण हो चुका है।बिजली गांव में पहुंच चुकी है तथा पेयजल की व्यवस्था भी लगभग हो चुकी है। बच्चे भी गांव में बने विद्यालयों में सुचारू रूप से पढ़ाई करते हैं।परंतु पारसनाथ पहाड़ की तराई वाले कई गांवों में अभी भी लोग पगडंडियों के सहारे ही रहते हैं तथा तराई वाले ग्रामीण इलाकों में अभी विकास होना बाकी है। फिर भी यहां के लोगों ने खुशी-खुशी अपने-अपने बूथों पर पहुंचकर मतदान किया।
इसी तरह डुमरी प्रखंड के सैंतीस पंचायतों के 199 बूथों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ। वहीं सभी स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हालांकि हर एक बूथ में सुबह मतदाताओं की संख्या अधिक देखी गई।दोपहर में प्रचंड गर्मी के कारण मतदाताओं की उपस्थिति कम रही,लेकिन तीन बजे के बाद लोग घर से मतदान केंद्रों पर जाते दिखे। इधर बूथ संख्या 87 में इवीएम में कुछ गड़बड़ी के कारण करीब 15 मिनट देर से मतदान शुरु हुआ।बूथों में बेब कास्टिंग व्यवस्था की गई थी।
सुरक्षा में मुस्तैद दिखे अधिकारी
शांतिपूर्ण मतदान को लेकर क्षेत्र के एसडीएम सह डुमरी विधानसभा के निर्वाचन अधिकारी शहजाद परवेज़, एसडीपीओ डुमरी सुमित प्रसाद,बीडीओ अन्वेषा,ओना सीओ शशिभूषण वर्मा,पीरटांड़ सीओ,सह बीडीओ मनोज मरांडी, डुमरी इंस्पेक्टर मनोज कुमार,निमियाघाट थाना प्रभारी राणा जंग बहादुर सिंह,डुमरी थाना प्रभारी प्रिनन सहित क्षेत्र में प्रतिनियुक्त सभी दंडाधिकारी मुस्तैद रहकर पल-पल की जानकारी लेते रहे।





