रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने का निर्णय लिया है।इसके लिए वित्त विभाग ने बीते पांच सितंबर को विभागीय संकल्प जारी किया था।इस आलोक में एक दिसंबर 2004 से 31 अगस्त 2022 तक नई पेंशन योजना में नियुक्त कर्मियों द्वारा पुरानी पेंशन का विकल्प या नई पेंशन योजना में बने रहने के लिए विकल्प का चुनाव शपथ पत्र के माध्यम से करना होगा। विकल्प चयन के लिए या अपनाए जाने वाली प्रक्रिया संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।





पुरानी पेंशन योजना का विकल्प चुनने वाले कर्मी इम्प्लाय पोर्टल में लॉगिन कर शपथ पत्र प्रारूप डाउन लोड करेंगे। इसमें शपथ पत्र तैयार कर पुनः अपलोड करेंगे।इसकी मूल प्रति निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के समक्ष जमा करेंगे। साथ ही भविष्य निधि संख्या आवंटन के लिए आवेदन एवं नॉमिनेशन फॉर्म को ऑनलाइन भरेंगे एवं उसका प्रिंटआउट निकाल कर स्वहस्ताक्षरित कर अपलोड करेंगे।





नई अंशदायी पेंशन योजना में बने रहने का विकल्प चुनने वाले कर्मी इम्प्लाय पोर्टल में लोगिन कर शपथ पत्र प्रारूप एनेक्सर-2 डाउनलोड करेंगे। इस विहित प्रारूप में शपथ पत्र तैयार कर पुन अपलोड करेंगे। तथा इसकी मूल प्रति निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी/ बाह्य सेवा में प्रतिनियुक्त राज्य सरकार के कर्मी के मामले में भविष्य निधि निदेशालय के नोडल पदाधिकारी के समक्ष जमा करेंगे।





पुरानी पेंशन पांच खास बातें





1. इस योजना में वेतन से कोई कटौती नहीं होती है।





2. कर्मचारियों को जीपीएफ की सुविधा उपलब्ध है।





3. यह एक पूरी तरह से सुरक्षित पेंशन योजना है।





4. रिटायरमेंट के समय मूल वेतन के 50 फीसदी की गारंटी है।





5. सेवा में मौत पर फैमिली पेंशन का लाभ मिलता है।





नई पेंशन पांच खास बातें





1. वेतन से 10 (बेसिक+डीए) की कटौती





2. इस योजना के तहत जीपीएफ सुविधा उपलब्ध नहीं ह।







3. यह पूरी तरह से शेयर बाजार आधारित योजना है।





4. रिटायरमेंट के समय तय पेंशन की गारंटी नहीं।





5. सेवा में मौत पर फैमिली पेंशन का लाभ नहीं।