सुलतानपुर।उत्तर-प्रदेश के सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दावों की पोल बारिश में खुल गयी।लखनऊ से गाजीपुर को जोड़ने वाला पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बुधवार को 12 घंटे से अधिक हुई पहली बारिश को नहीं झेल सका।गुरुवार रात जिले के हलियापुर में एक्सप्रेस-वे सड़क धंस गई 15 फीट का गड्ढ़ा हो गया। सुलतानपुर से लखनऊ की ओर जा रही कार इस गड्ढे में घुस गई।कार सवार लोग बाल-बाल बच गए हैं। वहीं कई अन्य गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।सूचना पर यूपीडा टीम और पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। राहत बचाव कार्य शुरू कराया है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर ये पर यह घटना किमी 83 पर हलियापुर थाना क्षेत्र में हुई है। कई को मामूली चोटें भी आई हैं। एक्सप्रेस-वे पर आ रही गाड़ियों का डायवर्जन भी किया गया है। 11 माह पूर्व बने इस एक्सप्रेस-वे पर सड़क बैठने का ये पहला मामला नहीं है। मई 2021 में भी तीन दिनों तक हुई बारिश में कुवांसी-हलियापुर के बीच एक्सप्रेस-वे के अंडर पास की बीम दरकी थी।अंडरपास की रेलिंग और फुटपाथ की मिट्टी बह गई। सड़क में दरार आ गई है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर आपातकालीन स्थिति में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के लैंडिंग/टेकऑफ भी कर सकते हैं। इसके लिए सुलतानपुर में 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण भी हुआ है।इस घटना को लेकर कार्यदाई संस्था यूपीडा के अधिकारी सकते में हैं। जानकार निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे।स्थानीय लोगों के अनुसार जहां मिट्टी की पटाई हुई है उसमें ज्यादा से ज्यादा पानी डालकर छोड़ना चाहिए था, उसके बाद रोलर चलाकर और मिट्टी डालकर पटाई करनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।वहीं इस मामले में कांग्रेस ने ट्वीट करके लिखा है कि हाल-फिलहाल ही बना पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे अभी दो बरसात भी नहीं देख पाया कि टूटकर धंस गया। सरकार के भ्रष्टाचार का इससे बड़ा साक्ष्य क्या होगा।
22 हजार करोड़ रुपए की लागत से बने 340 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण 16 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुलतानपुर में कूरेभार के अरवल कीरी स्थित एयर स्ट्रिप से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया था। इस प्रोजेक्ट से लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, सुलतानपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर जिले लाभान्वित हो रहे हैं।
आपको बता दें कि राजधानी लखनऊ से गाजीपुर को जोड़ने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कुल छह टोल प्लाजा,18 फ्लाईओवर, सात रेलवे ओवर ब्रिज, साथ बड़े सेतु, 118 छोटे सेतु, 13 इंटरचेंज, पांच रैम्प प्लाजा, 271 अंडरपास तथा 503 पुलियों का निर्माण हुआ है।





