संवाददाता,गोड्डा। समाहरणालय परिसर गोड्डा में उप विकास आयुक्त संजय कुमार सिन्हा एवं सिविल सर्जन अनंत कुमार झा ने संयुक्त रूप से फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित आईडीए कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।इस दौरान उप विकास आयुक्त ने कार्यक्रम स्थल पर सबसे पहले फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन अन्य अधिकारियों के साथ किया एवं जिले वासियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि आज सभी प्रखंडों के 2041 बूथो पर दवा का खुराक दिया जायेगा। वहीं दिनांक 11.08.2023 से 25.08.2023 तक इस कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी।
हर उम्र के लाेग हाे सकते हैं इससे संक्रमित
उप विकास आयुक्त गोड्डा ने कहा कि फाइलेरिया मच्छर जनित बीमारी है। यह संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है, जिससे किसी भी उम्र में व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। फाइलेरिया से मुक्ति के लिए 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी उम्र के अनुसार डीईसी तथा एल्बेंडाजोल की निर्धारित खुराक खिलाई जायेगी। यह दवा फाइलेरिया के रोगाणु को मार देती है और हाथी पाव एवं हाइड्रोसील जैसे बीमारी से बचने में भी मदद करती है।
उन्होंने जिले वासियों से अपील किया कि अपनी आयु के हिसाब से सभी लोग अपना दवा ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के समक्ष ही खाएं ताकि कृमि और फाइलेरिया का पूरी तरह से गोड्डा, जिला में उन्मूलन हो सके।हर व्यक्ति दवा जरूर खाएं, ताकि बीमारी से सुरक्षित रहे।
उक्त कार्यक्रम में सिविल सर्जन अनंत कुमार झा ने बताया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधित प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न होने पर जिला एवं प्रखंड स्तर पर रैपिड रिस्पॉन्स टीम के नोडल एवं जिला स्तरीय चिकित्सा पदाधिकारी/कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके। उन्होंने भी अपील किया कि इस कार्यक्रम का हिस्सा बनें एवं दवाई जरूर खाएं।फाइलेरिया मच्छर जनित रोग है। अतः मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी का उपयोग आवश्यक है। अपने घर एवं आस- पास की सफाई रखना, जलजमाव नहीं होने देना, नाला-नाली साफ रख कर काफी हद तक मच्छर के प्रकोप से बचा जा सकता है। आइये, हम सब संकल्प ले एवं गोड्डा को फाइलेरिया मुक्त बनावें।





