रांची। सदन में विधायक प्रदीप यादव के सवाल पर वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय को दो तरह से मापा जाता है।एक करेंट प्राइस पर दूसरा कांस्टेंट प्राइस पर। करेंट प्राइस के अनुसार झारखंड में 86060 रुपए प्रति व्यक्ति आय है। उन्होंने कहा कि जीडीपी में कृषि का प्रतिशत घटा है। आजादी के समय उद्योग नहीं थे।इसलिए आय का एकमात्र साधन कृषि था। उस समय कृषि का 50 प्रतिशत से ज्यादा कंट्रीब्यूशन होता था, जो आज घटकर 17 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि सुखाड़ के कारण झारखंड में किसानों की आय घटी है। सरकार का प्रयास है कि किसानों की आय बढ़ाई जाए। उन्होंने स्वीकार किया कि जितना प्रति व्यक्ति आय बढ़ना चाहिए, उतना नहीं बढ़ा है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने के लिए वार्षिक बजट 2023-24 में ठोस आर्थिक रणनीति के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी राशि का प्रावधान किया है। इसके तहत कृषि, ग्रामीण कार्य एवं ग्रामीण विकास के लिए आगामी वित्तीय वर्ष के लिए क्रमशः 4627 करोड़, 4293 करोड़ और 8166 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष के कुल 1लाख 16 हजार 418 करोड़ रुपये के बजट में से 39736 करोड़ का प्रावधान आर्थिक प्रक्षेत्र के लिए किया है, जिसका सीधा संबंध आम जनता की आय वृद्धि से है।





