प्रतिनिधि,सिंदरी।पिछले लगभग 50 दिनों से सिंदरी के मयूर गेट से लेकर आईटीआई कॉलेज बलियापुर तक में लोगों के मुख पर हवाइयां उड़ रही है। सभी टकटकी लगाए देख रहे हैं कि कोई भी आए और उनके आशियाने या दुकानों को तोड़ने की नोटिस को निरस्त कर दिया गया है, बोले।इस बाबत बाबू कुंवर सिंह समिति की कांति सिंह ने अपनी बात समाचार पत्र के माध्यम से लोगों तक पहुंचना चाहीं कि कुछ दिनों पहले तक कई मोर्चा बना, टूटा, फिर एक नया मोर्चा तैयार हुआ पर समाधान हेतु कोई भी कारगर कार्य नहीं कर रहें है। सिंदरी की जनता बाट जोह रही है कि सांसद क्या कहते हैं और सिंदरी के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की क्या भूमिका होती है।सांसद के साथ पर सिंदरी से कोई भी प्रतिनिधि सांसद के साथ दिल्ली में नहीं गए। इतना ही नहीं सांसद खुद से आगे बढ़चढ़ कर रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मंडविया से मुलाकात कर सिंदरी की ज्वलंत मुद्दे पर चर्चा कर, उसे अविलंब रोक लगवाने का आदेश पास करवा कर, अपने बाद भाजपा के सिंदरी नगर अध्यक्ष अरबींद पाठक को सूचना दी। साथ ही उन्होंने सिंदरी की प्रतिनिधिमंडल के ना पहुंचने की बात भी कही।





ये कटु सत्य है कि सांसद की नैतिक, सामाजिक एवं राजनीतिक कारणों से जिम्मेदारी बनती है कि वे सिंदरी क्षेत्र के मुद्दे को उठाएं एवं लोगों को अपनी सेवा दें, लेकिन कांति सिंह उन मोर्चा वालों से खफा है कि वे लोग कहीं भी किसी भी पेपर में सिंदरी के ज्वलंत मुद्दे से राहत की बात नहीं कही, ना ही सोसल प्लेटफार्म पर। यहां बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय की कहावत फेल होती दिखी।





कांति सिंह ने अंत में कहा कि मौका चूक गए आप सब लोग यदि आप लोगों को राहत नहीं मिली तो, सांसद जिम्मेवार नहीं है, सच्चाई तो यही है, कि चौदह गज ,चार अंगुल, अष्ट प्रमाण और मौका चूक गए सिंदरीवाशी।