पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,हज़ारीबाग।श्रम,नियोजन,प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग हजारीबाग उपायुक्त नैंसी सहाय के निर्देशानुसार श्रम अधीक्षक अनिल कुमार रंजन एवं धावादल द्वारा जिले के होटल,ढाबों और प्रतिष्ठानों में बाल श्रमिकों को विमुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत हजारीबाग शहरी क्षेत्र के राजेश भोजनालय,बाबुगांव,देवागंना रोड से 1 बाल श्रमिक,होटल कृष्णा टिविष्ट्र जोन मटवारी से 1 बाल श्रमिक एवं मुखिया जी लाइन होटल एंड फैमली रेस्टुरेंट सिझुआ ईचाक से 2 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया।
धावा दल में श्रम अधीक्षक सहित श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सदर ,जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी एवं बाल कल्याण समिति के सदस्य भी उपस्थित थे।विमुक्त बाल श्रमिक को उनके अभिभावक को सुपुर्द करने के लिए CWC में भेज दिया गया है।अल्पवयस्क बाल श्रमिक (उन्नमूलन एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 1986 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से होटल, ढाबों एवं प्रतिष्ठानों में कार्य कराना संगीन दंडनीय अपराध है। इसके लिए अधिनियमांतर्गत 20,000/- से 50,000/- तक अर्थदंड एवं अभियुक्त को छः माह से दो वर्ष तक का कारावास की सजा हो सकती है।





