प्रतिनिधि, चतरा। इटखोरी(चतरा) प्रखंड के एकमात्र ख्याति प्राप्त शिक्षण संस्थान भद्रकाली महाविद्यालय का 39वां स्थापना दिवस रविवार को कॉलेज भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथि प्राचार्य एवं संस्थापक सचिव के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात भारत के प्रथम राष्ट्रपति देश रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद को श्रद्धा सुमन अर्पित कर महाविद्यालय निर्माण के लिए भूमि दान करने वाले दिवंगत भू दाताओं के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि व्यक्त की गई।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय चतरा केदारनाथ राम,विशिष्ट अतिथि प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक वसीम रज्जा उपस्थित थे।
पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय चतरा ने अपने संबोधन में कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में यह महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए यह वरदान है। उन्होंने संस्थापक सचिव के द्वारा किए गए इस पुनीत कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर दुलार ठाकुर ने स्थापना काल से लेकर वर्तमान समय तक महाविद्यालय द्वारा किए गए शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह महाविद्यालय निरंतर विकास की नई गाथा लिख रहा है। यह महाविद्यालय आरंभ से ही इस क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगा रहा है।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संस्थापक सचिव कुमार जसवंत नारायण सिंह के त्याग और तपस्या का यह प्रतिफल है कि आज यह महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण उल्लेखनीय योगदान दे रहा है और दूर दराज के छात्र-छात्राओं के लिए यह महाविद्यालय वरदान साबित हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।सभी अतिथियों को महाविद्यालय परिवार की ओर से पुष्पगुच्छ एवं शाॅल देकर स्वागत किया गया। महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की छात्रा रानी कुमारी, सपना कुमारी, प्रियम कुमारी और स्नेहा कुमारी आदि ने भजन, नृत्य, लघु नाटक, हास्य व्यंग व भाषण की प्रस्तुति दी।
इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ दुलार ठाकुर ने महाविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए महाविद्यालय द्वारा नये कृतिमान स्थापित करने की बात कही। कई तरह के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अध्ययन को आरंभ करने की भी बात कही,जिसमें मुख्य रूप से भी बीबीए और बीसीए की शिक्षा आरंभ करने की बात कही गई।
इस कार्यक्रम में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के सचिव सह विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने महाविद्यालय के संस्थापक सचिव कुमार जसवंत नारायण सिंह की समर्पण चलता एवं त्याग को तपस्या बताते हुए कहा कि उनके जीवन भर की तपस्या का यह महाविद्यालय प्रतिफल है।यह महाविद्यालय उनके इस पुनीत कार्य के प्रति उनका कृतज्ञ है,जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन इस महाविद्यालय के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया।
सचिव डॉक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि मैं पूर्ण रूप से महाविद्यालय के उत्तरोत्तर विकास के प्रति समर्पित हूं। मुझसे जितना संभव हो सकेगा हर संभव कोशिश इस महाविद्यालय के विकास के लिए करूंगा। कार्यक्रम के दौरान विज्ञान वाणिज्य एवं कला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं मैडल देकर सम्मानित किया गया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम को पूर्व प्राचार्य डॉक्टर सुरेंद्र कुमार, योग गुरु शंकर चंद्रवंशी, हिंदी विभाग के व्याख्याता जानकी प्रसाद दांगी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।





